Thursday, October 22, 2020
Home रिपोर्ट अंतरराष्ट्रीय आतंकवादी के प्रति सहानुभूति जताने के लिए रूसी पत्रकार पर ₽5 लाख का जुर्माना,...

आतंकवादी के प्रति सहानुभूति जताने के लिए रूसी पत्रकार पर ₽5 लाख का जुर्माना, मानवाधिकर संगठनों ने जताया विरोध

स्वेटलाना प्रोकोप्येवा (Svetlana Prokopyeva) पर रूस में लगे जुर्माने के बाद वहाँ 'फ्रीडम ऑफ स्पीच' का रोना शुरू हो गया लेकिन सामान्यतः वहाँ इन आरोपों को बर्दाश्त नहीं किया जाता है। प्रोसीक्यूटरों की तो यहाँ तक माँग है कि स्वेटलाना को 6 साल के कारावास की सज़ा भी सुनाई जाए।

आतंकवाद को जायज ठहराने के आरोप में रूस में एक पत्रकार पर जुर्माना लगाया गया है। ‘सिटी ऑफ Pskov’ में स्थित कोर्ट ने सोमवार (जुलाई 7, 2020) को पत्रकार स्वेटलाना प्रोकोप्येवा (Svetlana Prokopyeva) पर 5 लाख रूबल्स (5.25 लाख रुपए) का जुर्माना ठोका। स्वेटलाना प्रोकोप्येवा (Svetlana Prokopyeva) पर आरोप है कि उन्होंने आतंकवादी के साथ सहानुभूति जताई।

स्वेटलाना प्रोकोप्येवा (Svetlana Prokopyeva) पर रूस में लगे जुर्माने के बाद वहाँ ‘फ्रीडम ऑफ स्पीच’ का रोना शुरू हो गया लेकिन सामान्यतः वहाँ इन आरोपों को बर्दाश्त नहीं किया जाता है। प्रोसीक्यूटरों की तो यहाँ तक माँग है कि स्वेटलाना को 6 साल के कारावास की सज़ा भी सुनाई जाए। दरअसल, नवम्बर 2018 में हुए एक आत्मघाती हमले में उत्तरी शहर Arkhangelsk में स्थित फ़ेडरल सिक्योरिटी सर्विस (FSB) दफ्तर के बाहर एक 17 वर्षीय युवा ने ख़ुद को उड़ा लिया था।

इस वारदात में उक्त हमलावर की तो मौत हो गई थी लेकिन साथ-साथ 3 FSB अधिकारी भी घायल हो गए थे। इस घटना पर स्वेटलाना प्रोकोप्येवा (Svetlana Prokopyeva) ने एक लेख लिखा था, जिसमें उन्होंने सरकार की नीतियों को ‘दमनकारी’ बताते हुए कहा था कि आज युवाओं के पास असहमति दिखाने के मौके नहीं हैं और इसी तनाव के कारण वो हताश होकर ऐसी वारदातों को अंजाम देते हैं।

पत्रकार स्वेटलाना प्रोकोप्येवा (Svetlana Prokopyeva) फिलहाल ‘RFE/RL’s रसियन सर्विस’ में कार्यरत हैं। उन्होंने ख़ुद को निर्दोष बताते हुए अपने ऊपर लगे आरोपों को नकार दिया है और जुर्माने को अभिव्यक्ति की आज़ादी का हनन करार दिया है। उन्होंने कहा कि वो क़ानूनी संस्थाओं की आलोचना से नहीं डरती हैं और जहाँ भी सुरक्षा एजेंसियाँ ग़लत होंगी, वो बोलने से हिचकेंगी नहीं।

रूसी पत्रकार Svetlana Prokopyeva ने अपने फेसबुक पोस्ट में जुर्माने को बताया गलत

स्वेटलाना कहा कि अगर उन्होंने कुछ नहीं कहा या किसी ने भी असहमति में स्वर नहीं उठाए तो चीजें और भयानक रूप ले सकती हैं। उनका कहना है कि उन्होंने सिर्फ़ अपने पत्रकारिता का कर्त्तव्य निभाया है। बकौल स्वेटलाना प्रोकोप्येवा (Svetlana Prokopyeva), उन्होंने ऐसा कुछ भी नहीं किया जो पत्रकारिता के अंतर्गत नहीं आता। उन्होंने इस फैसले के ख़िलाफ़ अपील करने की भी बात कही है। कई मानवाधिकार संगठनों ने उनका समर्थन किया है।

भारत में भी मीडिया के एक धड़े द्वारा आतंकवादियों को क्लीन चिट देने की कोशिश की जाती रही है। इनका पहला कर्तव्य यह साबित करना तो है ही कि कश्मीर घाटी में सुरक्षबलों द्वारा मारे जाने वाले आतंकवादी निर्दोष होते हैं। साथ ही आतंकवादियों के ‘मानवीय’ चेहरे के नैरेटिव को दिशा देने का काम भी वामपंथी मीडिया संगठनों द्वारा किया जा रहा है। सोपोर में आतंकवादियों की गोली से मारे गए 65 वर्षीय बशीर अहमद के मामले में ऐसा ही किया गया था।

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

पैगंबर मोहम्मद के ढेर सारे कार्टून… वो भी सरकारी बिल्डिंग पर: फ्रांस में टीचर के गला काटने के बाद फूटा लोगों का गुस्सा

गला काटे गए शिक्षक सैम्युएल पैटी को याद करते हुए और अभिव्यक्ति की आजादी का समर्थन करने के लिए पैगम्बर मोहम्मद के कार्टूनों का...

कपटी वामपंथियो, इस्लामी कट्टरपंथियो! हिन्दू त्योहार तुम्हारी कैम्पेनिंग का खलिहान नहीं है! बता रहे हैं, सुधर जाओ!

हिन्दुओ! अपनी सहिष्णुता को अपनी कमजोरी मत बनाओ। सहिष्णुता की सीमा होती है, पागल कुत्ते के साथ शयन नहीं किया जा सकता, भले ही तुम कितने ही बड़े पशुप्रेमी क्यों न हो।

खून पर खून और खून के बदले खून: बिहार में जातीय नरसंहार के बूते लालू ने कुछ यूँ खड़ी की थी ‘सामाजिक न्याय’ की...

अगस्त 12-13, 1992 का दिन। गया जिला का बारा गाँव। माओवादियों ने इलाके को घेरा और 'भूमिहार' जाति के 35 लोग घर से निकाले गए। पास में एक नहर के पास ले जाकर उनके हाथ बाँधे गए और सबका गला रेत कर मार डाला गया। लालू राज में जाति के नाम पर ऐसी न जाने कितनी घटनाएँ हुईं।

पेरिस में कट्टर मुस्लिम ने शिक्षक की गर्दन काट दी, ऐसे लोगों के लिए किसी भी सेकुलर देश में जगह नहीं होनी चाहिए |...

जानकार कहते हैं कि असली इस्लाम तो वही है, जो कट्टरपंथी जीते, क्योंकि वो काफिरों को कत्ल के योग्य मानते हैं।

बिहार चुनाव ग्राउंड रिपोर्ट: गया से 7 बार से विधायक, कृषि मंत्री प्रेम कुमार से बातचीत| 7-time MLA Prem Kumar interview

हमने प्रेम कुमार से जानने की कोशिश की कि 7 साल जीत मिलने के बाद वो 8वीं पर मैदान में किस मुद्दे और रणनीति को लेकर उतरे हैं।

नक्सलवाद कोरोना ही है, राजद-कॉन्ग्रेस नया कोरोना आपके बीच छोड़ना चाहते हैं: योगी आदित्यनाथ

नक्सलवाद को कोरोना बताते हुए योगी आदित्यनाथ ने कहा कि राजद और कॉन्ग्रेस भाकपा (माले) के रूप में आपके बीच एक नए कोरोना को छोड़ना चाहते हैं।

प्रचलित ख़बरें

मैथिली ठाकुर के गाने से समस्या तो होनी ही थी.. बिहार का नाम हो, ये हमसे कैसे बर्दाश्त होगा?

मैथिली ठाकुर के गाने पर विवाद तो होना ही था। लेकिन यही विवाद तब नहीं छिड़ा जब जनकवियों के लिखे गीतों को यूट्यूब पर रिलीज करने पर लोग उसके खिलाफ बोल पड़े थे।

37 वर्षीय रेहान बेग ने मुर्गियों को बनाया हवस का शिकार: पत्नी हलीमा रिकॉर्ड करती थी वीडियो, 3 साल की जेल

इन वीडियोज में वह अपनी पत्नी और मुर्गियों के साथ सेक्स करता दिखाई दे रहा था। ब्रिटेन की ब्रैडफोर्ड क्राउन कोर्ट ने सबूतों को देखने के बाद आरोपित को दोषी मानते हुए तीन साल की सजा सुनाई है।

कपटी वामपंथियो, इस्लामी कट्टरपंथियो! हिन्दू त्योहार तुम्हारी कैम्पेनिंग का खलिहान नहीं है! बता रहे हैं, सुधर जाओ!

हिन्दुओ! अपनी सहिष्णुता को अपनी कमजोरी मत बनाओ। सहिष्णुता की सीमा होती है, पागल कुत्ते के साथ शयन नहीं किया जा सकता, भले ही तुम कितने ही बड़े पशुप्रेमी क्यों न हो।

सूरजभान सिंह: वो बाहुबली, जिसके जुर्म की तपिश से सिहर उठा था बिहार, परिवार हो गया खाक, शर्म से पिता और भाई ने की...

कामदेव सिंह का परिवार को जब पता चला कि सूरजभान ने उनके किसी रिश्तेदार को जान से मारने की धमकी दी है तो सूरजभान को उसी के अंदाज में संदेश भिजवाया गया- “हमने हथियार चलाना बंद किया है, हथियार रखना नहीं। हमारी बंदूकों से अब भी लोहा ही निकलेगा।”

मुंबई: पूर्व असिस्टेंट कमिश्नर इकबाल शेख ने ‘फेक TRP स्कैम’ में रिपब्लिक टीवी की रिपोर्टिंग रोकने के लिए अदालत की ली शरण

मुंबई पुलिस के पूर्व असिस्टेंट कमिश्नर इकबाल शेख ने मुंबई के एक कोर्ट में याचिका दायर कर रिपब्लिक टीवी, आर भारत और अर्नब गोस्वामी पर कथित TRP घोटाले की रिपोर्टिंग से रोक लगाने की माँग की है।

‘अर्नब इतने हताश हो जाएँगे कि उन्हें आत्महत्या करनी पड़ेगी’: स्टिंग में NCP नेता और उद्धव के मंत्री नवाब मलिक का दावा

NCP मुंबई के अध्यक्ष और उद्धव सरकार में अल्पसंख्यक विकास मंत्री नवाब मलिक ने कहा कि अर्नब इसमें स्पष्ट रूप से फँस चुके हैं और इसका असर उनकी मानसिक अवस्था पर पड़ेगा।
- विज्ञापन -

पैगंबर मोहम्मद के ढेर सारे कार्टून… वो भी सरकारी बिल्डिंग पर: फ्रांस में टीचर के गला काटने के बाद फूटा लोगों का गुस्सा

गला काटे गए शिक्षक सैम्युएल पैटी को याद करते हुए और अभिव्यक्ति की आजादी का समर्थन करने के लिए पैगम्बर मोहम्मद के कार्टूनों का...

मुनव्वर राणा की बेटी उरूसा ने थामा कॉन्ग्रेस का हाथ, CAA विरोध प्रदर्शन से आई थी चर्चा में

शायर मुनव्वर राणा की बेटी उरूसा कॉन्ग्रेस में शामिल हो गई हैं। इससे पहले उरूसा लखनऊ में हुए CAA विरोध प्रदर्शनों के कारण चर्चा में आई थी।

यूथ कॉन्ग्रेस प्रमुख ने मोदी सरकार के बिहार पैकेज पर फैलाई फर्जी सूचना, BJP अध्यक्ष के बयान में घुसाई अपनी गणित

यूथ कॉन्ग्रेस के अध्यक्ष ने मोदी सरकार द्वारा स्वीकृत कुल पैकेज के रूप में स्वास्थ्य, शिक्षा और किसानों पर होने वाले खर्च को झूठा मानते हुए आरएसएस की शाखाओं पर कटाक्ष करने की कोशिश की।

कपटी वामपंथियो, इस्लामी कट्टरपंथियो! हिन्दू त्योहार तुम्हारी कैम्पेनिंग का खलिहान नहीं है! बता रहे हैं, सुधर जाओ!

हिन्दुओ! अपनी सहिष्णुता को अपनी कमजोरी मत बनाओ। सहिष्णुता की सीमा होती है, पागल कुत्ते के साथ शयन नहीं किया जा सकता, भले ही तुम कितने ही बड़े पशुप्रेमी क्यों न हो।

खून पर खून और खून के बदले खून: बिहार में जातीय नरसंहार के बूते लालू ने कुछ यूँ खड़ी की थी ‘सामाजिक न्याय’ की...

अगस्त 12-13, 1992 का दिन। गया जिला का बारा गाँव। माओवादियों ने इलाके को घेरा और 'भूमिहार' जाति के 35 लोग घर से निकाले गए। पास में एक नहर के पास ले जाकर उनके हाथ बाँधे गए और सबका गला रेत कर मार डाला गया। लालू राज में जाति के नाम पर ऐसी न जाने कितनी घटनाएँ हुईं।

पेरिस में कट्टर मुस्लिम ने शिक्षक की गर्दन काट दी, ऐसे लोगों के लिए किसी भी सेकुलर देश में जगह नहीं होनी चाहिए |...

जानकार कहते हैं कि असली इस्लाम तो वही है, जो कट्टरपंथी जीते, क्योंकि वो काफिरों को कत्ल के योग्य मानते हैं।

बिहार चुनाव ग्राउंड रिपोर्ट: गया से 7 बार से विधायक, कृषि मंत्री प्रेम कुमार से बातचीत| 7-time MLA Prem Kumar interview

हमने प्रेम कुमार से जानने की कोशिश की कि 7 साल जीत मिलने के बाद वो 8वीं पर मैदान में किस मुद्दे और रणनीति को लेकर उतरे हैं।

नक्सलवाद कोरोना ही है, राजद-कॉन्ग्रेस नया कोरोना आपके बीच छोड़ना चाहते हैं: योगी आदित्यनाथ

नक्सलवाद को कोरोना बताते हुए योगी आदित्यनाथ ने कहा कि राजद और कॉन्ग्रेस भाकपा (माले) के रूप में आपके बीच एक नए कोरोना को छोड़ना चाहते हैं।

राहुल गाँधी ने किया जातीय हिंसा भड़काने के आरोपित PFI सदस्य सिद्दीक कप्पन की मदद का वादा, परिवार से की मुलाकात

PFI सदस्य और कथित पत्रकार सिद्दीक कप्पन के परिवार ने इस मुलाकात में राहुल गाँधी से पूरे मामले में हस्तक्षेप की माँग कर कप्पन की जल्द रिहाई की गुहार लगाई।

पेरिस: ‘घटिया अरब’ कहकर 2 बुर्के वाली मुस्लिम महिलाओं पर चाकू से हमला, कुत्ते को लेकर हुआ था विवाद

पेरिस में एफिल टॉवर के नीचे दो मुस्लिम महिलाओं को कई बार चाकू मारकर घायल कर दिया गया। इस दौरान 'घटिया अरब' कहकर उन्‍हें गाली भी दी गई।

हमसे जुड़ें

272,571FansLike
78,946FollowersFollow
335,000SubscribersSubscribe