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जिस पार्टी की ब्रिटेन में चली आँधी पहले उसका गढ़ भेदा, फिर हाथ में श्रीमद्भगवद्गीता लेकर ली शपथ: जिस जगह हुई थी हिंदू विरोधी हिंसा, वहीं से जीती हैं शिवानी राजा

शिवानी राजा के हाथ में भगवद गीता देख संसद में बैठे सारे लोग हैरान थे। शिवानी ने इसी माहौल में अपनी सांसद पद की शपथ ली। उन्होंने कहा- मुझे गीता पर हाथ रखकर महामहिम राजा चार्ल्स के प्रति अपनी निष्ठा की शपथ लेने पर गर्व है।

ब्रिटेन के आम चुनावों में लीसेस्टेर ईस्ट से जीतीं भारतीय मूल की शिवानी राजा ने संसद में शपथ ली तो सब देखते रह गए। ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि शिवानी राजा ने शपथ लेने के दौरान भगवद् गीता को पकड़ा हुआ था। उनके हाथ भगवद गीता देख संसद में बैठे सारे लोग हैरान थे। शिवानी ने इसी माहौल में अपनी सांसद पद की शपथ ली। उन्होंने कहा- “मुझे गीता पर हाथ रखकर महामहिम राजा चार्ल्स के प्रति अपनी निष्ठा की शपथ लेने पर गर्व है।”

बता दें कि खुद को गर्व से हिंदू कहने वाली शिवानी राजा ने ब्रिटेन के लीसेस्टर ईस्ट से जीत हासिल की है। उन्होंने कंजर्वेटिव पार्टी की ओर से जीत हासिल की और लेबर पार्टी के उम्मीदवार राजेश अग्रवाल को हराया। शिवानी राजा को इस चुनाव में 14,526 वोट मिले और लेबर पार्टी के राजेश अग्रवाल को मात्र 10,100 वोट मिले। इसके अलावा लिबरल डेमोक्रेटिक पार्टी के ज़ुफ्फर हक़ केवल 6329 वोट हासिल किए।

उल्लेखनीय है कि शिवानी राजा के साथ ही कंजर्वेटिव पार्टी के लिए भी यह बड़ी जीत है। कंजर्वेटिव पार्टी को यह जीत 37 साल बाद हासिल हुई है। इस सीट पर लगातार लेबर पार्टी कब्जा कर रही थी। शिवानी राजा लीसेस्टर में जन्मी पहली पीढ़ी की ब्रिटिश नागरिक हैं और एक कट्टर हिंदू हैं।

शिवानी राजा की वेबसाइट के अनुसार, शिवानी राजा के माता-पिता 70 के दशक के अंत में केन्या और भारत से लीसेस्टर चले गए थे। शिवानी ने डी मोंटफोर्ट यूनिवर्सिटी से अपनी शिक्षा पूरी की है। उन्होंने फार्मास्युटिकल और कॉस्मेटिक साइंस में ग्रेजुएशन किया है और बाद में इंग्लैंड में कुछ बड़े कॉस्मेटिक्स ब्रांड के साथ काम किया है। पिछले महीने की शुरुआत में वह लीसेस्टर पूर्व में हिन्दू कथावाचक गिरिबापू के ‘शिव कथा’ कार्यक्रम में शामिल हुईं थी।

29 साल की शिवानी ने लीसेस्टर में जीत ऐसे माहौल में हासिल की है जहाँ 2022 में भारत बनाम पाकिस्तान टी20 एशिया कप मैच के बाद इस्लामी कट्टरपंथियों ने जमकर हिंसा की थी और हिंदुओं को निशाना बनाया था। ऐसे में शिवानी का इस जगह से जीता जाना एक न केवल कन्जर्वेटिव पार्टी की जीत मानी जा रही बल्कि सभी हिंदू इसे जीत से जोड़ रहे हैं। शिवानी के अलावा यूके के आम चुनाव में 27 अन्य भारतीय मूल के सांसद हाउस ऑफ कॉमन्स के लिए चुने गए हैं।

बता दें कि 4 जुलाई को हुए चुनावों में लेबर पार्टी की जीत के बाद किएर स्टॉर्मर ब्रिटेन के नए प्रधानमंत्री बने हैं। उनकी पार्टी ने 460 सदस्यीय हाउस ऑफ कॉमन्स में से 412 सीटें हासिल की हैं। ये आँकड़ा लेबर पार्टी को मिले 2019 के पिछले चुनाव से 211 अधिक है। वहीं ऋषि सुनकर की कंजर्वेटिव पार्टी की बात करें तो इस बार उन्हें पिछले चुनाव से 250 सीटें कम आईं यानी सिर्फ 121 सीट। लेबर पार्टी का वोट शेयर 33.7 प्रतिशत था। वहीं सुनक की पार्टी का वोट शेयर 23.7 फीसदी।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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