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‘ये वामपंथी प्रोपेगेंडा प्लेटफॉर्म बन गया है, डोनेशन न दें’: एलन मस्क ने विकिपीडिया को घेरा, इजरायल-भारत विरोधी प्रचार में था शामिल

यह विवाद तब और बढ़ गया, जब 'पाइरेट वायर्स' की एक रिपोर्ट ने दावा किया कि विकिपीडिया के लगभग 40 संपादकों ने 'प्रो-हमास' विचारधारा का समर्थन करने वाले अभियान को आगे बढ़ाया और इजरायल को 'अवैध' दिखाने का प्रयास किया।

टेक इंडस्ट्री के दिग्गज और एक्स (पूर्व में ट्विटर) के मालिक एलन मस्क ने एक बार फिर विकिपीडिया पर हमला बोला है। मस्क का आरोप है कि विकिपीडिया अब कट्टर वामपंथियों के प्रभाव में है, जिससे यह एक स्वतंत्र जानकारी के मंच के बजाय एक प्रोपेगेंडा प्लेटफार्म बन गया है। उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है कि लोग इसे डोनेशन देना बंद करें।

यह विवाद तब और बढ़ गया, जब ‘पाइरेट वायर्स’ की एक रिपोर्ट ने दावा किया कि विकिपीडिया के लगभग 40 संपादकों ने ‘प्रो-हमास’ विचारधारा का समर्थन करने वाले अभियान को आगे बढ़ाया और इजरायल को ‘अवैध’ दिखाने का प्रयास किया। मस्क के इस बयान के बाद बहुत सारे लोगों ने सोशल मीडिया पर उनका समर्थन किया। कुछ लोगों ने मस्क का समर्थन करते हुए कहा कि विकिपीडिया का झुकाव वामपंथी विचारधारा की ओर बढ़ रहा है।

यह पहली बार नहीं है जब मस्क ने विकिपीडिया पर हमला बोला है। पिछले साल भी मस्क ने इसके संस्थापक जिमी वेल्स से तकरार के समय हुए इसे ‘डिकिपीडिया’ नाम देकर तंज भी कसा और कहा कि अगर वो नाम बदल देते हैं, तो वो विकिपीडिया को 1 अरब डॉलर का दान देंगे।

विकिपीडिया के भारतीय संदर्भ में भी विवाद बढ़ रहे हैं, खासकर जब दिल्ली हाई कोर्ट ने इसे भारतीय कानूनों का पालन न करने पर चेतावनी दी है। हाई कोर्ट का कहना था कि अगर विकिपीडिया भारत में अपनी नीतियों का पालन नहीं कर सकता, तो उसे यहाँ अपना संचालन बंद कर देना चाहिए।

ऑपइंडिया की एक स्पेशल रिपोर्ट में भी विकिपीडिया पर ‘कट्टर वामपंथी’ पूर्वाग्रह का आरोप साबित हुआ है। इस रिपोर्ट के अनुसार, विकिपीडिया का कंटेंट भारत और हिंदू विरोधी रुझानों को बढ़ावा दे रहा है और इसे अंतरराष्ट्रीय संगठनों से वित्तीय सहायता मिलती है। ऑपइंडिया की रिपोर्ट में 186 पन्नों का डोजियर भी शामिल है, जिसमें दावा किया गया है कि विकिपीडिया का झुकाव वामपंथी विचारधारा की ओर है, जो भारत के हितों के खिलाफ काम करता है।

इस डोजियर में पाया गया है कि विकिपीडिया के कई संपादक और प्रशासक वामपंथी संगठनों से जुड़े हैं। वे अपने अधिकारों का उपयोग करते हुए दक्षिणपंथी स्रोतों को ब्लैकलिस्ट करते हैं और भारत के विरुद्ध पूर्वाग्रह से ग्रसित सामग्री को प्रमोट करते हैं। विकिपीडिया के सह-संस्थापक लैरी सेंगर ने भी इस पर अपनी चिंताओं को व्यक्त करते हुए कहा है कि विकिपीडिया में वामपंथी पूर्वाग्रह है। विकिमीडिया फाउंडेशन को Open Society Foundation और Rockefeller Foundation जैसी संस्थाओं से वित्तीय सहायता मिलती है, जो वामपंथी एजेंडे को बढ़ावा देते हैं।

दिलचस्प बात यह है कि फेसबुक भी ऑपइंडिया के इस डोजियर को साझा करने से रोक रहा है। ऑपइंडिया के पाठकों ने शिकायत की है कि जब वे फेसबुक पर लिंक शेयर करते हैं, तो उसे हटा दिया जाता है। ऑपइंडिया का कहना है कि फेसबुक इस रिपोर्ट को साझा करने की अनुमति नहीं दे रहा है क्योंकि यह वामपंथी प्रभावों के खिलाफ सबूत पेश करती है। ऐसे में ये साफ है कि फेसबुक और विकिपीडिया जैसे प्लेटफार्म वामपंथी एजेंडे को बढ़ावा देने के लिए मिलकर काम कर रहे हैं।

बहरहाल, भारत में चल रहे कोर्ट केसों के बीच यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि भारत में विकिपीडिया और इसके संपादकों के खिलाफ क्या कार्रवाई होती है और क्या इसे भारतीय कानूनों का पालन करने के लिए मजबूर किया जा सकता है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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