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आतंकी घोषित किया गया गोल्डी बराड़, ‘बब्बर खालसा’ से निकला कनेक्शन: सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड में आया था नाम, कनाडा से चला रहा भारत विरोधी गतिविधियाँ

केंद्रीय गृह मंत्रालय ने गैंगस्टर सतविंदर सिंह उर्फ सतिंदरजीत सिंह उर्फ गोल्डी बराड़ को गैरकानूनी गतिविधियाँ (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) 1967 के तहत आतंकवादी घोषित किया है।

भारत सरकार ने कनाडा में छिपे बैठे गैंगस्टर गोल्डी बराड़ को आतंकवादी घोषित किया है। उसका दुर्दांत खालिस्तानी आतंकी संगठन बब्बर खालसा इंटरनेशनल से भी लिंक निकला है। पंजाब के मशहूर सिंगर सिद्धू मूसेवाला की हत्या की जिम्मेदारी भी गोल्डी बराड़ ने ली थी। वो भारत में कई मामलों में वांछित है और उस पर कई केस चल रहे हैं। वो कनाडा से ही क्राइम सिंडेकेट चला रहा है और जेल में बंद गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई का करीबी सहयोगी है।

गोल्डी बराड़ के खिलाफ हत्या, हत्या के प्रयास और हथियारों की तस्करी जैसे कई मामले दर्ज हैं। उसके खिलाफ इंटरपोल रेड कॉर्नर नोटिस भी जारी कर चुका है। सिंतबर महीने में गोल्डी बराड़ के ठिकानों पर पुलिस ने छापेमारी की थी। इसके अलावा एनआईए भी बराड़ के जुड़े लोगों के ठिकानों पर छापेमारी कर चुकी है। वो एनआईए की कार्रवाई में मुख्य निशाना रहा है और उससे जुड़े कई गैंगस्टरों को गिरफ्तार भी किया गया है।

केंद्रीय गृह मंत्रालय ने गैंगस्टर सतविंदर सिंह उर्फ सतिंदरजीत सिंह उर्फ गोल्डी बराड़ को गैरकानूनी गतिविधियाँ (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) 1967 के तहत आतंकवादी घोषित किया है। गृह मंत्रालय ने बताया कि गोल्डी बराड़ प्रतिबंधित खालिस्तानी संगठन बब्बर खालसा इंटरनेशनल से भी जुड़ा है, जो भारत विरोधी गतिविधियों में शामिल है।

30 साल से कम उम्र, मोस्ट वांटेड में से एक

गोल्डी बराड़ पंजाब के श्री मुक्तसर साहेब का रहने वाला है। साल 1994 में जन्मा गोल्डी कनाडा के ब्राम्पटन में रहकर भारत में अपना सिंडिकेट चलाता है। वो खालिस्तानी आतंकियों के साथ जुड़कर भारत विरोधी काम भी कर रहा है। यही नहीं, उसी ने कनाडा में रहकर पंजाबी सिंगर सिद्धू मूसेवाला की हत्या की साजिश रही और सोशल मीडिया पर खुलकल इसकी जिम्मेदारी भी ली। इंटरपोल के अनुसार, 29 वर्षीय गोल्डी बराड़ हत्या, आपराधिक साजिश और अवैध हथियारों की तस्करी में शामिल है। उसके खिलाफ पहले ही एक रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया जा चुका है। उसे पकड़ने के लिए पंजाब पुलिस कनाडा तक गई थी लेकिन उसे पकड़ा नहीं जा सका है।

बता दें कि कुछ दिन पहले ही गैंगस्टर लखबीर सिंह लांडा को भी गृह मंत्रालय ने आतंकी घोषित किया था। उसका भी लिंक बब्बर खालसा इंटरनेशनल से हैं। गोल्डी बराड़ का भी उससे लिंक है। वो पाकिस्तान में रहने वाले आतंकी हरविंदर सिंह उर्फ रिंदा के साथ काम करता है। लांडा पर तरनतारन जिले के पुलिस स्टेशन पर आरपीजी हमले का मास्टरमाइंड होने का आरोप है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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