Homeरिपोर्टअंतरराष्ट्रीय'भारत के साथ संबंध मजबूत करने के लिए हूँ प्रतिबद्ध' : श्रीलंका के नए...

‘भारत के साथ संबंध मजबूत करने के लिए हूँ प्रतिबद्ध’ : श्रीलंका के नए राष्ट्रपति ने PM मोदी को दिया धन्यवाद, प्रधानमंत्री बोले- हम साथ काम करने को उत्सुक

उन्होंने कहा "श्रीलंका के राष्ट्रपति चुनावों में जीत पर दिसानायके को बधाई। श्रीलंका भारत की पड़ोसी प्रथम नीति और विजन सागर में एक विशेष स्थान रखता है। मैं हमारे लोगों और पूरे क्षेत्र के लाभ के लिए हमारे बहुमुखी सहयोग को और मजबूत करने के लिए आपके साथ मिलकर काम करने के लिए उत्सुक हूँ।"

श्रीलंका को कल (22 सितंबर 2024) अनुरा कुमारा दिसानायके के रूप में 10 वें राष्ट्रपति मिल गए हैं। 56 वर्षीय दिसानायके ने सामगी जन बालवेगया (एसजेबी) के अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी साजिथ प्रेमदासा को हराया। उन्होंने कहा कि सदियों से जो उन्होंने सपना संजोया था वो अब जाकर सच हो रहा है।

उन्होंने कहा कि लाखों आशा और उम्मीद भरी आँखों ने हमें आगे बढ़ाया है और हम फिर से इतिहास लिखने को तैयार हैं। उन्होंने जीत का श्रेय सिंहली, तमिल, मुस्लिम और तमाम श्रीलंकाई लोगों को दिया।

उनकी जीत की घोषणा होने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी उन्हें बधाई दी। उन्होंने कहा, “श्रीलंका के राष्ट्रपति चुनावों में जीत पर दिसानायके को बधाई। श्रीलंका भारत की पड़ोसी प्रथम नीति और विजन सागर में एक विशेष स्थान रखता है। मैं हमारे लोगों और पूरे क्षेत्र के लाभ के लिए हमारे बहुमुखी सहयोग को और मजबूत करने के लिए आपके साथ मिलकर काम करने के लिए उत्सुक हूँ।”

वहीं दिसानायके ने उनकी बधाई के जवाब में धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि वो दोनों देशों के संबंधो को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने कहा कि अपने लोगों और पूरे क्षेत्र के लाभ के लिए भारत के साथ सहयोग करते हुए काम करने को तैयार हैं।

बता दें कि अनुरा कुमार दिसानायके नेशनल पीपुल्स पावर और जनता विमुक्ति पेरमुना पार्टी के नेता हैं और साथ ही कोलंबो से सांसद भी थे। उन्हें राष्ट्रपति पद पर उम्मीदवार के तौर पर नेशनल पीपुल्स पावर (एनपीपी) ने उतारा था। उन्हें उनकी मार्क्सवादी विचारधारा और चीन का समर्थक होने के नाते जाना जाता है। इसके अलावा वो कभी भारत के हस्तक्षेप के समर्थक नहीं रहे हैं। उन्होंने हाल में श्रीलंका में अडानी ग्रुप के 484 मेगावाट वाले 44 करोड़ के समझौते को रद्द करने की भी बात उन्होंने कही थी। उन्होंने प्रचार के दौरान कहा भी था कि राष्ट्रपति बनने के बाद वह प्रोजेक्ट को रद्द कर देंगे।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

चेहरे चमक गए, पर मुद्दे धुंधले पड़े: CJP की अंदरूनी लड़ाई ने आंदोलन की साख पर उठाए सवाल, छात्रों के टूटते भरोसे की कहानी

CJP के भीतर विवाद, नेताओं की सक्रियता और छात्रों की नाराजगी ने आंदोलन की विश्वसनीयता पर बहस छेड़ दी है। समझें कैसे असली मुद्दे पीछे छूट गए?

CJP प्रोपेगेंडा आपकी टाइमलाइन तक कैसे पहुँच रहा? समझिए Meta का एल्गोरिदम और मॉडरेशन कैसे साध रहे ग्लोबल लेफ्ट का नैरेटिव

CJP के प्रदर्शन से जुड़े Videos और पोस्ट Meta का एल्गोरिदम कैसे लोगों के फीड तक पहुँचा रहा है, जिन्होंने फॉलो नहीं किया, वो भी इनको देख रहे।
- विज्ञापन -