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स्वीडन के स्कूल में अंधाधुन फायरिंग, कम-से-कम 10 की मौत, मारा गया हमलावर भी: कुरान जलाने वाले सलवान मोमिका की भी यहीं हुई थी हत्या

टीचर मारिया ने आगे कहा, "मैंने लोगों को घायलों को घसीटते हुए बाहर निकलते देखा। पहले एक को देखा, फिर दूसरे को। मुझे एहसास हुआ कि यह बहुत गंभीर स्थिति है।" पुलिस ने मृतकों की उम्र, लिंग या निवास स्थान आदि को लेकर कोई जानकारी नही दी है। पुलिस का मानना है कि हमलावर अकेला था। स्थानीय मीडिया के अनुसार, पुलिस ने हमलावर के घर पर छापेमारी की है।

यूरोपीय देश स्वीडन के ऑरेब्रो शहर में मंगलवार (4 फरवरी 2025) को बंदूकधारी हमलावर ने एक स्कूल में अंधाधुन फायरिंग की, जिसमें कम-से-कम 10 लोग मारे गए हैं। मृतकों में हमलावर भी शामिल है। मृतकों के पहचान के बारे में अभी तक पुलिस ने नहीं बताया है। पुलिस का कहना है कि वह हमले के संभावित मकसद का पता लगाने की कोशिश कर रही है।

गोलीबारी स्वीडन की राजधानी स्टॉकहोम से लगभग 200 किलोमीटर (125 मील) पश्चिम में स्थित ऑरेब्रो में कैंपस रिसबर्गस्का सेकेंड्री स्कूल हुई। इसमें प्राइमरी और अपर सेकेंडरी की पढ़ाई होती है। इसके साथ ही इस विद्यालय में आप्रवासियों के लिए स्वीडिश कक्षाएँ, व्यावसायिक प्रशिक्षण और बौद्धिक विकलांग लोगों के लिए कार्यक्रम भी प्रदान किए जाते हैं।

इस स्कूल के छात्रों की उम्र 20 साल से अधिक है। जिस समय गोलीबारी हुई, उस समय वहाँ कई स्कूली बच्चे, टीचर एवं अन्य लोग उपस्थित थे। ऑरेब्रो के पुलिस प्रमुख रॉबर्टो ईद फॉरेस्ट ने बताया, “करीब 10 लोग मारे गए हैं। संख्या के बारे में हम अभी स्पष्ट नहीं हैं।” पुलिस को आशंका है कि मृतकों की संख्या बढ़ सकती है। वहीं, इसे आतंकी घटना मानने से भी इनकार किया है।

इस हमले के कई प्रत्यक्षदर्शी भी सामने आए हैं। उनमें से एक 28 वर्षीय एंड्रियास सुंडलिंग ने कहा कि उसने तीन धमाके और तेज चीखेें सुनीं। इसके बाद वह जान बचाने के लिए एक कक्षा में जाकर छिप गई। स्कूल के अधिकारियों का कहना है कि हमले के वक्त घटनास्थल पर बहुत कम बच्चे थे। अधिकांश बच्चे घर जा चुके थे। माना जा रहा है कि हमला ऑटोमेटिक राइफल से की गई है।

वहीं, स्कूल की 54 वर्षीय टीचर मारिया पेगाडो ने बताया कि लंच ब्रेक के ठीक बाद किसी ने उनकी कक्षा का दरवाज़ा खोला और चिल्लाते हुए सभी को बाहर निकलने के लिए चिल्लाया। उन्होंने कहा, “मैंने अपने सभी 15 छात्रों को बाहर हॉलवे में ले जाकर भागना शुरू कर दिया। फिर मैंने दो गोलियाँ सुनीं, लेकिन हम बच गए। हम स्कूल के प्रवेश द्वार के करीब थे।”

टीचर मारिया ने आगे कहा, “मैंने लोगों को घायलों को घसीटते हुए बाहर निकलते देखा। पहले एक को देखा, फिर दूसरे को। मुझे एहसास हुआ कि यह बहुत गंभीर स्थिति है।” पुलिस ने मृतकों की उम्र, लिंग या निवास स्थान आदि को लेकर कोई जानकारी नही दी है। पुलिस का मानना है कि हमलावर अकेला था। स्थानीय मीडिया के अनुसार, पुलिस ने हमलावर के घर पर छापेमारी की है।

कुछ रिपोर्ट में कहा गया है कि संदिग्ध हमलावर की उम्र करीब 35 साल है और उसके पास हथियार रखने का लाइसेंस है। उसका कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है, लेकिन उसकी पहचान के बारे में कोई जानकारी नहीं दी गई। पुलिस ने इस जानकारी की पुष्टि नहीं की है। बता दें कि मुस्लिमों के दीनी किताब कुरान जलाने वाले सलवान मोमिका की भी कुछ दिन पहले स्वीडन में हत्या कर दी गई थी।

स्वीडन के राजा कार्ल सोलहवें गुस्ताफ ने इस घटना की निंदा की है। वहीं, स्वीडन के प्रधानमंत्री उल्फ क्रिस्टरसन ने इस हमले को देश के इतिहास में सबसे भयानक सामूहिक गोलीबारी बताया है। इस देश में संगठित अपराधिक गिरोहों को लेकर क्रिस्टरसन ने कहा, “यह स्वीडन को विरासत में मिली समस्या है। वे बहुत लंबे समय से विकसित हो रहे हैं। हिंसा पर हमारा नियंत्रण नहीं है, यह बिल्कुल स्पष्ट है।”

स्वीडन में गिरोह अपराध की समस्या के कारण गोलीबारी और बम विस्फोट की घटनाएँ बढ़ रही हैं। हालाँकि स्कूलों में घातक हमले अभी भी दुर्लभ हैं। स्वीडिश नेशनल काउंसिल फॉर क्राइम प्रिवेंशन के अनुसार 2010 से 2022 के बीच स्कूलों में घातक हिंसा की सात घटनाओं में दस लोग मारे गए।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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