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नागराजू की हत्या में भी मुस्लिम परिवार के बचाव में कूदा NDTV, हैदराबाद की घटना पर एडिटर ने सांप्रदायिक एंगल से किया इनकार

विवादित न्यूज नेटवर्क एनडीटीवी की कार्यकारी संपादक उमा सुधीर ने 25 वर्षीय नागराजू की हत्या के मामले में मजहबी एंगल को दबाने की कोशिश की, जिसे दो मुस्लिम पुरुषों ने चाकू मार दिया था।

मुस्लिम महिला से शादी करने के मामले में हैदराबाद की सड़कों पर महिला के परिवार द्वारा हैदराबाद की सड़कों पर हिंदू व्यक्ति नागराजू की बेरहमी से हत्या किए जाने के एक दिन बाद कथित लिबरल मीडिया हाउस ने इस हत्या में धार्मिक एंगल को झुठलाने की कोशिश की है। जबकि पहले से ये स्पष्ट है कि मुस्लिम युवती से शादी करने के कारण हिंदू व्यक्ति की हत्या की गई थी।

इसी इसी क्रम में गुरुवार (5 मई 2022) को विवादित न्यूज नेटवर्क एनडीटीवी की कार्यकारी संपादक उमा सुधीर ने 25 वर्षीय नागराजू की हत्या के मामले में मजहबी एंगल को दबाने की कोशिश की, जिसे दो मुस्लिम पुरुषों ने चाकू मार दिया था। आरोपित की पहचान महिला के भाई के रूप में हुई है।

एक ट्वीट करते हुए उमा सुधीर ने दावा किया कि मृतक नागराजू और उनकी मुस्लिम पत्नी सुल्ताना एक-दूसरे को दस साल से जानते थे और एक-दूसरे से प्यार करते थे, इसलिए शादी की थी। लड़का एससी समुदाय से था और लड़की मुस्लिम समुदाय से है, जो कि एक्सीडेंटल है। किसी को भी इस घटना को सांप्रदायिक या जाति का रंग नहीं देना चाहिए।

फोटो साभार: ट्विटर

नागराजू की नृशंस हत्या पर भारी आक्रोश के बीच उमा सुधीर जैसे लोग अपराध को ‘धर्मनिरपेक्ष’ साबित करने के लिए इसलिए इतना उछलकूद कर रहे हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि लड़की मुस्लिम है। उमा सुधीर जैसे कथित ‘धर्मनिरपेक्ष-लिबरल’ लोग न केवल ये चाहते हैं कि लोग इस हत्या के धार्मिक एँगल की उपेक्षा करें। बल्कि, मुस्लिम समुदाय द्वारा किए गए अपराधों को व्हाइट वॉश करने की कोशिश करें।

नागराजू की हत्या केवल उसकी धार्मिक पहचान अलग होने के कारण उनकी हत्या की गई। बावजूद इसके उमा सुधीर चाहती हैं कि लोग इस कम्युनल एँगल को छोड़ दें और मुस्लिमों का नाम न लें, जिस पर अपने ही जीजा की हत्या का आरोप है। इस तरह के कार्य कुछ और नहीं, बल्कि देश में हिंदुओं के प्रति सांप्रदायिक घृणा, अपराध को तुच्छ बनाने की कोशिश है।

मुस्लिम लड़की से शादी करने के कारण नागराजू की हत्या उसके ही मुस्लिम साले ने कर दी थी। इसका कारण केवल इतना सा था कि उसने हिंदू होकर मुस्लिम महिला से शादी की थी। मुस्लिम हिंदुओं से इस कदर नफरत करते हैं कि आरोपित इस्लाम की धार्मिक पवित्रता की रक्षा के लिए अपनी ही बहन की हत्या करने के लिए उतारू था। लेकिन, फिर भी उमा सुधीर चाहती हैं कि लोग विश्वास करें कि इस घटना में कोई धार्मिक एंगल नहीं है।

हिंदू नहीं होते तो जिंदा होते नागराजू

नागराजू अगर हिंदू नहीं होते और किसी गैर मुस्लिम से शादी नहीं करते तो शायद वो जीवित होते। नागराजू की पत्नी सुल्ताना ने खुलासा किया था कि 25 वर्षीय मार्केटिंग मैनेजर पत्नी के लिए धर्मान्तरण कर इस्लाम अपनाने को तैयार था। लेकिन फिर भी उसकी हत्या कर दी गई।

गौरतलब है कि बुधवार को नागराजू पर सुल्ताना के भाई सैयद मोबिन अहमद और मोहम्मद मसूद अहमद ने लोहे की रॉड से हमला किया। उसे चाकू मार दिया गया। इसमें वो गंभीर रूप से घायल हो गया था, इसके कारण उसकी मौके पर ही मौत हो गई। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर इसका वीडियो भी वायरल हुआ था।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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