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भारतीयों को ‘अनपढ़’ और ‘हमलावर’ कहने वाली नस्लवादी लॉरा लूमर को इंडिया टुडे का न्योता: सोशल मीडिया पर फूटा लोगों का गुस्सा, पूछा- क्या देश का अपमान करने वालों को मिलेगा बड़ा मंच?

लॉरा लूमर केवल भारत विरोधी ही नहीं हैं, बल्कि वह अमेरिका में भी अपनी 'पागलपन भरी साजिशों' के लिए जानी जाती हैं। उन्होंने 9/11 के आतंकी हमलों को 'अंदरूनी काम' बताकर शक जताया था और कोविड-19 महामारी को एक बड़ा घोटाला करार दिया था।

अपनी बेहद घटिया नस्लवादी टिप्पणियों और भारत विरोधी एजेंडे के लिए बदनाम अमेरिकी दक्षिणपंथी कमेंटेटर लॉरा लूमर एक बार फिर विवादों के केंद्र में हैं। खबर है कि उन्हें ‘इंडिया टुडे कॉन्क्लेव 2026’ में बोलने के लिए आमंत्रित किया गया है। लूमर ने खुद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर दावा किया है कि वह इस कार्यक्रम में हिस्सा लेने के लिए भारत आ रही हैं।

इस खबर के सामने आते ही भारतीय सोशल मीडिया यूजर्स का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुँच गया है। लोग इस बात से हैरान और नाराज हैं कि जिस महिला ने भारतीयों को ‘तीसरी दुनिया का हमलावर’ कहा और हमारे रहन-सहन का मजाक उड़ाया, उसे भारत का एक बड़ा मीडिया संस्थान मंच क्यों दे रहा है। लोग इसे ‘आत्मघाती’ कदम बता रहे हैं और सवाल कर रहे हैं कि क्या भारत विरोधी नफरत को अब मुख्यधारा में जगह दी जाएगी।

सोशल मीडिया पर लूमर के पुराने पोस्ट वायरल

जैसे ही लॉरा लूमर के भारत आने की खबर फैली, ‘X’ पर उनके पुराने नस्लभेदी बयानों के स्क्रीनशॉट बाढ़ की तरह तैरने लगे। यूजर्स ने उन पोस्ट्स का कोलाज शेयर किया है जिसमें लॉरा लूमर ने भारतीय इंफ्रास्ट्रक्चर, बुद्धिमत्ता के स्तर और साफ-सफाई का भद्दा मजाक उड़ाया था। एक पोस्ट में उन्होंने बेशर्मी से पूछा था कि भारत के लोग उसी पानी में शौच क्यों करते हैं जिसे वे पीते और नहाते हैं।

कई कमेंटेटर्स का कहना है कि लॉरा लूमर को मंच देना उनकी नफरत भरी बयानबाजी को वैधता देने जैसा है। लोग इंडिया टुडे से सवाल कर रहे हैं कि क्या उन्हें दुनिया भर में कोई और काबिल वक्ता नहीं मिला जो उन्हें उस महिला को बुलाना पड़ा जिसने हर मौके पर भारत और यहाँ के लोगों को जलील किया है।

भारतीयों के खिलाफ लॉरा लूमर की जहरीली बयानबाजी

लॉरा लूमर का भारत के प्रति नफरत भरा रवैया तब खुलकर सामने आया था जब नवनिर्वाचित अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारतीय-अमेरिकी विशेषज्ञ श्रीराम कृष्णन को व्हाइट हाउस में AI नीति सलाहकार नियुक्त किया। लूमर ने इस नियुक्ति को ‘निराशाजनक’ बताते हुए भारतीयों के खिलाफ एक लंबा अभियान छेड़ दिया।

लॉरा लूमप ने भारतीयों को ‘तीसरी दुनिया से आने वाले हमलावर‘ कहा और दावा किया कि अमेरिका को सिर्फ सफेद यूरोपीय लोगों ने बनाया है, इसलिए यहाँ भारतीयों की कोई जरूरत नहीं है। जब एक व्यक्ति ने उन्हें तर्क दिया कि अमेरिका की प्रगति में भारतीयों का बड़ा हाथ है, तो वह नीचता पर उतर आईं और अभद्र भाषा का इस्तेमाल करते हुए कहा कि भारत में पानी नल से नहीं आता और लोग उसी में गंदगी करते हैं जिसमें नहाते हैं।

इतना ही नहीं, लूमर ने डेमोक्रेटिक नेता कमला हैरिस की भारतीय विरासत का भी मजाक उड़ाया था। उन्होंने नस्लभेदी टिप्पणी करते हुए कहा था कि अगर हैरिस चुनाव जीतती हैं, तो व्हाइट हाउस से ‘करी’ (सब्जी) की महक आएगी और उनके भाषण कॉल सेंटर से चलेंगे। अमेरिका में ‘करी’ और ‘कॉल सेंटर’ जैसे शब्दों का इस्तेमाल भारतीयों को नीचा दिखाने के लिए किया जाता है।

बाद में विरोध होने पर उन्होंने इसे ‘राजनीतिक व्यंग्य’ कहकर पल्ला झाड़ लिया, लेकिन हकीकत यह है कि वह लगातार भारतीयों के खानपान और रहन-सहन को निशाना बनाती रही हैं। लूमर ने एच1-बी वीज़ा को लेकर भी झूठ फैलाया और भारतीयों पर ऑनलाइन हमलों के लिए ट्रंप समर्थकों के एक धड़े को उकसाया।

साजिशों की रानी और विवादों का पुराना नाता

लॉरा लूमर केवल भारत विरोधी ही नहीं हैं, बल्कि वह अमेरिका में भी अपनी ‘पागलपन भरी साजिशों’ के लिए जानी जाती हैं। उन्होंने 9/11 के आतंकी हमलों को ‘अंदरूनी काम’ बताकर शक जताया था और कोविड-19 महामारी को एक बड़ा घोटाला करार दिया था। हालाँकि, बाद में वह खुद कोविड की चपेट में आ गई थीं और उनकी हालत काफी खराब हो गई थी।

लॉरा लूमर ने जो बायडेन की सेहत को लेकर भी कई बार झूठ फैलाया और उनके विमान की लैंडिंग को लेकर मेडिकल इमरजेंसी का दावा किया, जो पूरी तरह गलत साबित हुआ। रिपब्लिकन सीनेटर थॉम टिलिस तक उन्हें ‘पागल साजिशकर्ता’ कह चुके हैं। चुनाव की बात करें तो वह दो बार फ्लोरिडा से चुनाव लड़ चुकी हैं और दोनों ही बार उन्हें करारी हार का सामना करना पड़ा है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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