Thursday, April 2, 2020
होम रिपोर्ट मीडिया 'दी क्विंट' ने किया आमूल्या लियोना का फैक्ट चेक, ताकि लोग 'पाकिस्तान जिंदाबाद' के...

‘दी क्विंट’ ने किया आमूल्या लियोना का फैक्ट चेक, ताकि लोग ‘पाकिस्तान जिंदाबाद’ के नारों को भूल जाएँ

'द क्विंट' के फैक्ट चेक के अलावा एनडीटीवी ने अमूल्या के 'पाकिस्तान जिंदाबाद' के नारे को जस्टिफाई करने का प्रयास किया है। अमूल्या के एक पुराने फेसबुक पोस्ट को शेयर करते हुए एनडीटीवी ने इस बिंदु पर लिखा है कि अमूल्या ने अपनी एक फेसबुक पोस्ट में पिछले सप्ताह पाकिस्तान सहित सभी पड़ोसी देशों की तारीफ की थी।

ये भी पढ़ें

ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

कल ही बैंगलुरू में AIMIM चीफ असदुद्दीन ओवैसी के मंच से पाकिस्तान के समर्थन में लगे नारों और उन्हीं की पार्टी के नेता वारिस पठान के मुस्लिमों को हिन्दुओं के खिलाफ भड़काने वाले बयान के बाद सियासत गरमा गई है। अभी तक जहाँ इन मंचों से नागरिकता कानून के विरोध कि आड़ में सिर्फ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और हिंदुत्व के खिलाफ ही अपशब्द निकलते थे, तो वहीं बृहस्पतिवार को ‘पाकिस्तान जिंदाबाद’ की नारेबाजी भी होने लगी। इसी घटना पर भाजपा ने ओवैसी से सवाल भी पूछा है कि कहीं यह सब प्रायोजित तो नहीं?

बीजेपी मीडिया सेल के प्रभारी अमित मालवीय ने भी ओवैसी के मंच से पाकिस्तान जिंदाबाद के नारे लगाने वाली लड़की अमूल्या लियोना की एक वीडियो को ट्वीट किया और आशंका जाहिर की है कि कहीं जो हाल में दिख रहा है, उसके पीछे भी कोई बड़ी साजिश तो नहीं? क्योंकि इस वीडियो में अमूल्या लियोना ये कहते दिख रही है कि मंच पर जो बोलना होता है उसके पीछे पूरी टीम होती है।

अब हालाँकि, यह बात सब जानते हैं कि ‘स्टेज के पीछे पूरी टीम’ होने की बात करती अमूल्या लियोना की ये वीडियो पुरानी है और वर्तमान घटना के साथ इसका सम्बन्ध ढूँढने के लिए एक बार फिर उत्सुकतावश शेयर की जा रही है। वैसे भी कल के वीडियो से स्पष्ट देखा जा सकता है कि पाकिस्तान जिंदाबाद के नारे लगाने के बाद तो अमूल्या की स्थिति ऐसी नहीं रह गई थी कि वो इतनी शान से और आत्मविश्वास के साथ इंटरव्यू दे पाती। लेकिन सोशल मीडिया पर लोग जो सवाल पूछ रहे हैं, वो इस बिनाह पर पूछ रहे हैं कि जब अन्य विरोध प्रदर्शन और भाषणों के पीछे अमूल्या की एक पूरी टीम होती है, उनके सलाहकार होते हैं, कई कार्यकर्ता होते हैं, उनके साथी होते हैं, तो क्या ऐसा इस बार भी तो नहीं?

- विज्ञापन - - लेख आगे पढ़ें -

ये सवाल वाजिब है, और वर्तमान परिस्थियों के मुताबिक पूछा भी जाना चाहिए। क्योंकि सीएए विरोध प्रदर्शन में पाकिस्तान जिंदाबाद के साथ ही देश विरोधी और हिंदुत्व विरोधी नारे लगना आम बात नहीं रह गया है। वो भी तब, जब एक पूरा समुदाय इसी बात को आधार बनाकर धरना दे रहा हो कि यह कानून किस न किसी तरह से उनके समुदाय के खिलाफ साजिश है।

मगर, ‘टुकड़े-टुकड़े’ गैंग से लेकर असम को भारत से काटने की योजना बनाने वाले शरजील इमाम तक का समर्थन करने वाले वामपंथी मीडिया गिरोह का क्या..जो समय दर समय केवल ये साबित करने पर जुटा हुआ है कि न ही कन्हैया कुमार और न ही उनकी यह पूरी गैंग गलत है, न जामिया में हिंसा करने वाले लोग, न शरजील इमाम और न ही अमूल्या लियोना।

अमूल्या के पक्ष में उतरा ‘ दी क्विंट’

अमूल्या लियोना का पक्षधर बनकर ‘द क्विंट’ ने एक फैक्ट चेक किया है। जिसमें बताया है कि किस तरह ट्विटर पर लोग इस पुराने वीडियो को शेयर कर रहे हैं और यूजर्स में भ्रम की स्थिति फैला रहे हैं। जबकि स्पष्ट है कि यहाँ भ्रम की स्थिति नहीं फैलाई जा रही? यहाँ केवल एक सवाल हो रहा है कि कहीं इस बार भी अमूल्या के नारों में पूरी एक टीम का हाथ तो नहीं? लेकिन ‘द क्विंट’ इसे फिर भी जस्टिफाई करने पर आमादा है, ताकि CAA विरोधी मंच से निकली ‘पाकिस्तान जिंदाबाद’ की गूँज को किस तरह से धीमा किया जा सके।

प्रोपेगैंडा वेबसाइट ‘द क्विंट’ अपने इस फैक्ट चेक के जरिए खुद ही बताता है कि उन्होंने इस वीडियो को खोजने का प्रयास किया और पाया कि जिस वीडियो को आज प्रासंगिक बनाकर शेयर किया जा रहा है, वो तो 31 जनवरी की है और उसका तो बैंगलुरू वाले किस्से से कोई लेना-देना ही नहीं है। दी क्विंट ने स्पष्टीकरण दिया है कि अमूल्या तो उन प्रोटेस्ट के बारे में कह रही थी, जो उसने 31 जनवरी से पहले किए।

यहाँ सोचने वाली बात है कि 31 जनवरी से पहले ऐसा तो नहीं था न कि सीएए/एनआरसी/एनपीआर के खिलाफ़ विरोध प्रदर्शन नहीं हो रहे थे और अगर हो रहे थे, तो अमूल्या इसमें शामिल नहीं थीं? दोनो चीजें थीं और अमूल्या की इन प्रदर्शनों में सहभागिता उसके सोशल मीडिया अकॉउंट से लगाई जा सकती है।

इसलिए, अमूल्या लियोना की बातों को सुनकर संदेह उत्पन्न होना जाहिर है। लेकिन इन सवालों को खारिज करने के लिए की गई कोशिश भी बताती हैं कि आज ये वामपंथी मीडिया अपने इन्हीं फैक्ट चेक और एंजेंडाधारी पत्रकारिता से लोगों की सोचने की क्षमता पर चोट कर रहा है, ताकि पाठक भ्रमित हो और इनकी तरह से सोचना शुरू करे।

गौरतलब है कि ‘द क्विंट’ के फैक्ट चेक के अलावा एनडीटीवी ने अमूल्या के ‘पाकिस्तान जिंदाबाद’ के नारे को जस्टिफाई करने का प्रयास किया है। अमूल्या के एक पुराने फेसबुक पोस्ट को शेयर करते हुए एनडीटीवी ने इस बिंदु पर लिखा है कि अमूल्या ने अपनी एक फेसबुक पोस्ट में पिछले सप्ताह पाकिस्तान सहित सभी पड़ोसी देशों की तारीफ की थी। एनडीटीवी के अनुसार अमूल्या ने लिखा था, “हिन्दुस्तान जिंदाबाद, पाकिस्तान जिंदाबाद, बांग्लादेश जिंदाबाद, श्रीलंका जिंदाबाद, नेपाल जिंदाबाद, अफगानिस्तान जिंदाबाद, चीन जिंदाबाद, भूटान जिंदाबाद। अमूल्या ने कन्नड़ भाषा में लिखे पोस्ट में कहा था कि अपने देश से प्यार करें और दूसरे देशों का सम्मान करें।”

बता दें कि वामपंथी मीडिया गिरोह द्वारा देश के ख़िलाफ़ नारे लगाने वालों के प्रति ये उदारवादी रवैया कोई नया नहीं। इससे पहले भी कई बार ऐसे मौके आए हैं, जब फैक्ट के जरिए, पाठकों को ये समझाने का प्रयास हुआ कि उन्हें जो स्पष्ट दिख रहा है, वो गलत है, और सही सिर्फ़ वो है, जिसको उनकी वेबसाइट या उनके गिरोह के चैनल अंतिम सत्य बता रहे हैं।

इसका सबसे हालिया उदाहरण, ऑल्ट न्यूज़ द्वारा जामिया हिंसा से संबंधित फैक्ट चेक का है। जिसमें पत्थर को वॉलेट बताकर पेश किया गया। इसलिए अगर अब दी क्विंट जैसे प्रोपेगैंडा-धारी स्रोत अमूल्या को भी क्लीन चित देने का प्रयास करते नजर आएँ तो इसमें कोई आश्चर्य नहीं होना चाहिए।

- ऑपइंडिया की मदद करें -
Support OpIndia by making a monetary contribution

ख़ास ख़बरें

ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

ताज़ा ख़बरें

Covid-19: दुनियाभर में 45000 से ज़्यादा मौतें, भारत में अब तक 1637 संक्रमित, 38 मौतें

विश्वभर में कोरोना संक्रमण के अब तक कुल 903,799 लोग संक्रमित हो चुके हैं जिनमें से 45,334 लोगों की मौत हुई और 190,675 लोग ठीक भी हो चुके हैं। कोरोना वायरस के संक्रमण के कारण सबसे अधिक प्रभावित देश अमेरिका, इटली, स्पेन, चीन और जर्मनी हैं।

तबलीगी मरकज से निकले 72 विदे‍शियों सहित 503 जमातियों ने हरियाणा में मारी एंट्री, मस्जिदों में छापेमारी से मचा हड़कंप

हरियाणा के गृहमंत्री अनिल विज ने बताया कि सभी की मेडिकल जाँच की जाएगी। उन्होंने बताया कि सभी 503 लोगों के बारे में पूरी जानकारी मिल चुकी है, लेकिन उनकी जानकारी को पुख्ता करने के लिए गृह विभाग अपने ढंग से काम करने में जुटा हुआ है।

फैक्ट चेक: क्या तबलीगी मरकज की नौटंकी के बाद चुपके से बंद हुआ तिरुमला तिरुपति मंदिर?

मरकज बंद करने के फ़ौरन बाद सोशल मीडिया पर एक खबर यह कहकर फैलाई गई कि आंध्रप्रदेश में स्थित तिरुमाला के भगवान वेंकेटेश्वर मंदिर को तबलीगी जमात मामला के जलसे के सामने आने के बाद बंद किया गया है।

इंदौर: कोरोनो वायरस संदिग्ध की जाँच करने गई मेडिकल टीम पर ‘मुस्लिम भीड़’ ने किया पथराव, पुलिस पर भी हमला

मध्य प्रदेश का इंदौर शहर सबसे अधिक कोरोना महामारी की चपेट में है, जहाँ मंगलवार को एक ही दिन में 20 नए मामले सामने आए, जिनमें 11 महिलाएँ और शेष बच्चे शामिल थे। साथ ही मध्य प्रदेश में कोरोना वायरस से मरने वालों की संख्या 6 हो गई है।

योगी सरकार के खिलाफ फर्जी खबर फैलानी पड़ी महँगी: ‘द वायर’ पर दर्ज हुई FIR

"हमारी चेतावनी के बावजूद इन्होंने अपने झूठ को ना डिलीट किया ना माफ़ी माँगी। कार्रवाई की बात कही थी, FIR दर्ज हो चुकी है आगे की कार्यवाही की जा रही है। अगर आप भी योगी सरकार के बारे में झूठ फैलाने के की सोच रहे है तो कृपया ऐसे ख़्याल दिमाग़ से निकाल दें।"

बिहार की एक मस्जिद में जाँच करने पहुँची पुलिस पर हमले का Video, औरतों-बच्चों ने भी बरसाए पत्थर

विडियो में दिख रही कई औरतों के हाथ में लाठी है। एक लड़के के हाथ में बल्ला दिख रहा है और वह लगातार मार, मार... चिल्ला रहा। भीड़ में शामिल लोग लगातार पत्थरबाजी कर रहे हैं। खेतों से किसी तरह पुलिसकर्मी जान बचाकर भागते हैं और...

प्रचलित ख़बरें

रवीश है खोदी पत्रकार, BHU प्रोफेसर ने भोजपुरी में विडियो बनाके रगड़ दी मिर्ची (लाल वाली)

प्रोफेसर कौशल किशोर ने रवीश कुमार को सलाह देते हुए कहा कि वो थोड़ी सकारात्मक बातें भी करें। जब प्रधानमंत्री देश की जनता की परेशानी के लिए क्षमा माँग रहे हैं, ऐसे में रवीश क्या कहते हैं कि देश की सारी जनता मर जाए?

800 विदेशी इस्लामिक प्रचारक होंगे ब्लैकलिस्ट: गृह मंत्रालय का फैसला, नियम के खिलाफ घूम-घूम कर रहे थे प्रचार

“वे पर्यटक वीजा पर यहाँ आए थे लेकिन मजहबी सम्मेलनों में भाग ले रहे थे, यह वीजा नियमों के शर्तों का उल्लंघन है। हम लगभग 800 इंडोनेशियाई प्रचारकों को ब्लैकलिस्ट करने जा रहे हैं ताकि भविष्य में वे देश में प्रवेश न कर सकें।”

जान-बूझकर इधर-उधर थूक रहे तबलीग़ी जमात के लोग, डॉक्टर भी परेशान: निजामुद्दीन से जाँच के लिए ले जाया गया

निजामुद्दीन में मिले विदेशियों ने वीजा नियमों का भी उल्लंघन किया है, ऐसा गृह मंत्रालय ने बताया है। यहाँ तबलीगी जमात के मजहबी कार्यक्रम में न सिर्फ़ सैकड़ों लोग शामिल हुए बल्कि उन्होंने एम्बुलेंस को भी लौटा दिया था। इन्होने सतर्कता और सोशल डिस्टन्सिंग की सलाहों को भी जम कर ठेंगा दिखाया।

बिहार के मधुबनी की मस्जिद में थे 100 जमाती, सामूहिक नमाज रोकने पहुँची पुलिस टीम पर हमला

पुलिस को एक किमी तक समुदाय विशेष के लोगों ने खदेड़ा। उनकी जीप तालाब में पलट दी। छतों से पत्थर फेंके गए। फायरिंग की बात भी कही जा रही। सब कुछ ऐसे हुआ जैसे हमले की तैयारी पहले से ही हो। उपद्रव के बीच जमाती भाग निकले।

मंदिर और सेवा भारती के कम्युनिटी किचेन को ‘आज तक’ ने बताया केजरीवाल का, रोज 30 हजार लोगों को मिल रहा खाना

सच्चाई ये है कि इस कम्युनिटी किचेन को 'झंडेवालान मंदिर कमिटी' और समाजसेवा संगठन 'सेवा भारती' मिल कर रही है। इसीलिए आजतक ने बाद में हेडिंग को बदल दिया और 'कैसा है केजरीवाल का कम्युनिटी किचेन' की जगह 'कैसा है मंदिर का कम्युनिटी किचेन' कर दिया।

ऑपइंडिया के सारे लेख, आपके ई-मेल पे पाएं

दिन भर के सारे आर्टिकल्स की लिस्ट अब ई-मेल पे! सब्सक्राइब करने के बाद रोज़ सुबह आपको एक ई-मेल भेजा जाएगा

हमसे जुड़ें

170,197FansLike
52,766FollowersFollow
209,000SubscribersSubscribe
Advertisements