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गोधरा में ‘जय श्री राम’ न बोलने पर मुस्लिम युवकों की पिटाई की खबर झूठी: SP

एसपी लीना पाटिल ने बताया कि शुरुआती जाँच से यह बात सामने आई है कि झगड़ा किसी धार्मिक नारे को लेकर नहीं हुआ। सीसीटीवी फुटेज से साफ़ है कि बाइक साइड से चलाने को लेकर दोनों पक्षों के बीच बहस हुई थी।

एक बार फिर से जय श्री राम न बोलने पर पिटाई करने का आरोप झूठा निकला है। ताजा मामला गुजरात के गोधरा का है। यहाँ के 3 मुस्लिम युवकों ने आरोप लगाया था कि जय श्री राम नहीं बोलने पर उनकी पिटाई की गई। जाँच के बाद पुलिस ने इस आरोप को झूठा बताया है।

खबर के मुताबिक, शहर के मोहम्मदी मुहल्ला के रहने वाले 40 वर्षीय मोटर मैकेनिक सिद्दिकी अब्दुल सलाम ने कल (अगस्त 1, 2019) देर रात गोधरा ए डिवीजन पुलिस स्टेशन में एक प्राथमिकी दर्ज कराई थी। इसमें उसने आरोप लगाया था कि बाबा नी माधी इलाके के पास उसके बेटे समीर और उसके दो दोस्तों सलमान और सोहेल की 20 से 30 साल के 6 लड़कों ने जय श्री राम न बोलने पर पिटाई कर दी।

सिद्दिकी ने शिकायत में कहा था कि कल रात तकरीबन 10 बजे उसका बेटा अपने दोस्त के साथ बाजार गया था। इसी दौरान दो मोटरसाइकिल पर सवार 6 लोगों ने उन्हें रोका और जय श्री राम बोलने को मजबूर किया। मना करने पर उनलोगों ने मारपीट की।

सिद्दिकी का कहना है कि स्थानीय लोगों के जमा होते ही हमलावर भाग गए। उन्होंने कहा कि समीर, सलमान और सोहेल को इलाज के लिए स्थानीय सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया है। बाद में सिद्दिकी ने पत्रकारों को बताया कि घटना हिंदू बहुल इलाके में हुई, जो उसके घर से करीब एक किलोमीटर दूर है।

एसपी लीना पाटिल ने उसके दावे को गलत बताया है। उन्होंने कहा कि शुरुआती जाँच से ये बात सामने आई है कि झगड़ा किसी धार्मिक नारे को लेकर नहीं हुआ। सीसीटीवी फुटेज से साफ़ है कि बाइक साइड से चलाने को लेकर दोनों पक्षों के बीच बहस हुई थी।

गौरतलब है कि, इससे पहले भी जय श्री राम न बोलने पर मारपीट की कई ख़बरें झूठी निकल चुकी है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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