Homeरिपोर्टराष्ट्रीय सुरक्षाISIS के लिए काम कर रहा था अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी का छात्र फैजान अंसारी,...

ISIS के लिए काम कर रहा था अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी का छात्र फैजान अंसारी, NIA ने पकड़ा: देवबंद से पकड़े गए 2 बांग्लादेशी

एएमयू का छात्र फैजान अंसारी झारखंड के लोहरदगा का रहने वाला है। वह धर्मांतरित लोगों का ब्रेनवॉश कर उन्हें आईएसआईएस की आतंकी गतिविधियों में शामिल करने की योजना बना रहा था।

आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट (ISIS) के लिए काम करने वाले अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (AMU) के एक छात्र को राष्ट्रीय जाँच एजेंसी (NIA) ने पकड़ा है। इस छात्र की पह​चान 19 साल के फैजान अंसारी उर्फ फैज के तौर पर हुई है। उसे झारखंड के लोहरदगा से गिरफ्तार किया गया है। वह भारत में आतंकी हमले की साजिश रच रहा था। वहीं उत्तर प्रदेश के सहारनपुर के देवबंद से यूपी एटीएस ने दो बांग्लादेशियों को पकड़ा है। ये अपनी पहचान छिपाकर रह रहे थे और भारत विरोधी गतिविधियों में शामिल थे।

एनआईए ने प्रेस को जारी एक बयान में बताया है कि फैजान भारत में आईएसआईएस की गतिविधियों को आगे बढ़ाने में जुटा था। सोशल मीडिया के जरिए आतंकी संगठन का प्रचार कर रहा था। सोशल मीडिया और अपने अन्य सहयोगियों के साथ मिलकर वह भारत में आतंकी हमले की साजिश रच रहा था।

फैजान अंसारी की गिरफ्तारी से पहले NIA ने 16 और 17 जुलाई को झारखंड के लोहदरगा में उसके घर और उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ में उसके किराए के मकान पर छापेमारी की थी। इस छापेमारी में एनआईए को कई इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस और संदिग्ध सामग्री तथा दस्तावेज मिले थे। इसके बाद एनआईए ने देश विरोधी गतिविधियों में शामिल होने के आरोप में 19 जुलाई को फैजान अंसारी के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया।

भास्कर की रिपोर्ट के अनुसार फैजान आमतौर पर बहुत कम लोगों से मिलता था। महँगी बाइक दिखाकर युवाओं को अपने करीब लाकर उनका ब्रेनवॉश करता था। एनआईए की टीम उससे जुड़े लोगों को भी तलाश कर रही है। एनआईए की जाँच में सामने आया है कि फैजान भारत में आईएसआईएस के आतंकियों की संख्या बढ़ाने के लिए धर्मांतरित हुए लोगों को ब्रेनवॉश कर कट्टरपंथी बना रहा था। इसके बाद उसकी योजना इन सभी को आतंकी गतिविधियों में शामिल करने की थी। आतंकी गतिविधियों को अंजाम देने और आतंकियों की भर्ती करने के लिए फैजान अंसारी विदेश में स्थित ISIS के हैंडलर्स के संपर्क में था।

देवबंद से 2 बांग्लादेशी गिरफ्तार

उत्तर प्रदेश की आतंकवाद निरोधी शाखा (ATS) ने मंगलवार (18 जुलाई 2023) को सहरानपुर जिले के देवबंद से 2 बांग्लादेशी घुसपैठियों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपितों की पहचान हबीबुल्लाह और अहमदुल्लाह के रूप में हुई। दोनों आरोपित साल 2022 में घुसपैठ कर भारत आए थे। इसके बाद देवबंद के दारुल उलूम के पास किराए का मकान लेकर रह रहे थे। पुलिस ने दोनों के पास से कई फर्जी दस्तावेज समेत आधार कार्ड और परिचय पत्र बरामद किया है। हबीबुलल्लाह ने फर्जी दस्तावेजों की मदद से भारतीय पासपोर्ट के लिए भी आवेदन कर रखा है।

पुलिस द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति

यूपी एटीएस को देवबंद में बांग्लादेशी नागरिकों के छिपे होने के अलावा मध्य प्रदेश के भोपाल से गिरफ्तार आतंकी शहादत हुसैन की पत्नी समा परवीन को पैसे भेजने की सूचना मिली थी। इसके बाद एटीएस ने छापेमार कार्रवाई करते हुए दोनों को गिरफ्तार किया। एटीएस की पूछताछ में अहमदुल्लाह ने शहादत हुसैन को अच्छी तरह पहचानने और उसकी पत्नी को पैसे भेजने की बात स्वीकारी है। 

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

‘काफ़िर’ अब समंदर पार नहीं है.. कैसे 11वीं सदी का क्रूसेड बना नए पेंटागन की विचारधारा? डोनाल्ड ट्रंप और अमरीकी कल्चर वॉर

1095 में पोप अर्बन द्वितीय ने यरूशलम के लिए जिस धर्मयुद्ध का ऐलान किया था, आज डोनाल्ड ट्रंप के नए अमेरिका के पीछे वही विचार काम कर रहा है। ट्रंप के रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ और उनकी किताब 'The War on Warriors' से समझिए कि कैसे 1000 साल पुराना 'Deus Vult' का सिद्धांत आज अमरीकी राजनीति और कल्चर वॉर को चला रहा है।

‘मेविस्तान’ बनाने का सपना, अलवर-भरतपुर में हिंसा और फिर गाँधी-नेहरू का हस्तक्षेप: जानिए मेवात के उस इतिहास की पूरी कहानी, जिसने बदल दिया इलाके...

मेविस्तान की माँग, 1933 का गोविंदगढ़ संघर्ष, 1947 का अलवर-भरतपुर घटनाक्रम और गाँधी-नेहरू के हस्तक्षेप से जुड़ी मेवात की पूरी कहानी जानिए।
- विज्ञापन -