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PFI का टारगेट था अयोध्या का राम मंदिर, गिराकर बाबरी मस्जिद बनाने की थी प्लानिंग: महाराष्ट्र ATS की कार्रवाई के बाद खुलासा

गौर देने वाली बात है कि पीएफआई कार्यकर्ताओं का एक व्हाट्सएप ग्रुप भी सामने आया है। जानकारी मिली है कि भारत में चल रहे संगठन के इस ग्रुप का एडमिन कोई भारतीय नहीं बल्कि पाकिस्तान से है।

हाल ही में देश में प्रतिबंधित हुए आतंकी संगठन पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI/ पीएफआई) को लेकर नया खुलासा हुआ है। महाराष्ट्र सरकार ने नासिक कोर्ट में बताया कि पीएफआई वाले अयोध्या के राम मंदिर को तोड़कर वहाँ बाबरी मस्जिद बनाने की प्लानिंग कर रहे थे

महाराष्ट्र एटीएस द्वारा गिरफ्तार किए गए पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया के 5 संदिग्धों से पूछताछ और उनकी पड़ताल में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ। साथ ही यह भी पता चला कि कैसे इनका मकसद देश को 2047 तक किसी भी हाल में इस्लामी राष्ट्र में तब्दील करना था। इसके अलावा देश में आतंकी गतिविधियों को अंजाम देने के लिए ये विदेशों से ट्रेनिंग पा रहे थे। संदिग्धों के अकॉउंट की जाँच में विदेशी पैसा भी मिला है।

गौर देने वाली बात है कि पीएफआई कार्यकर्ताओं का एक व्हाट्सएप ग्रुप भी सामने आया है। जानकारी मिली है कि भारत में चल रहे संगठन के इस ग्रुप का एडमिन कोई भारतीय नहीं बल्कि पाकिस्तान से है।

बता दें कि पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया के ये 5 संदिग्ध आतंकी गतिविधियों के इल्जाम में सितंबर माह में पकड़े गए थे। पड़ताल के दौरान जाँच टीम को विदेश से संचालित होते व्हॉट्सएप ग्रुप के बारे में पता चला। छानबीन हुई तो ये सामने आया कि ग्रुप में न केवल पाकिस्तान बल्कि अफगानिस्तान और अमीरात के लोग भी थे।

पीएफआई के संदिग्ध सामाजिक कार्यों के नाम पर देश-विदेश से पैसा इकट्ठा कर रहे थे। इनका मकसद इन पैसों के जरिए, (खासकर खाड़ी देशों से आए पैसों का प्रयोग करके) देश विरोधी गतिविधियों को अंजाम देना था। इस बात की जानकारी होने के बाद अब एनआईए के साथ ईडी भी इस मामले में अपनी जाँच कर रही है। छानबीन में संदिग्धों के पास से मोबाइल और हार्ड डिस्क समेत अन्य सामग्रियाँ बरामद की गईं।

महाराष्ट्र ATS की PFI पर कार्रवाई

गौरतलब है कि पीएफआई के कट्टरपंथी लगातार देश के माहौल को बिगाड़ने के लिए साजिशें रच रहे थे। ऐसे में कुछ वक्त पहले भारत सरकार ने संगठन पर प्रतिबंध लगाया। वहीं एनआईए ने देश भर में ताबड़तोड़ रेड मारते हुए सैंकड़ों पीएफआई से जुड़े लोगों को गिरफ्तार किया। इसी क्रम में महाराष्ट्र एटीएस ने भी एक्शन लिया।

एटीएस ने हाल में मालेगाँव में पीएफआई के अध्यक्ष मौलाना सईद अहमद अंसारी, पुणे में संगठन के उपाध्यक्ष अब्दुल कय्यूम शेखांद और 3 अन्य को गिरफ्तार किया था। इनके ऊपर इल्जाम था कि ये विदेशों से मिले पैसों के जरिए देश में अशांति फैलाने का काम कर रहे थे। हालाँकि महाराष्ट्र एटीएस ने इन्हें गिरफ्तार करके इनके मनसूबों पर पानी फेर दिया।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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