Homeदेश-समाजमंदिर के सामने भाला मारकर गौहत्या: अकबर, जाफर, जुल्फिकार और फरियाद पर मामला दर्ज

मंदिर के सामने भाला मारकर गौहत्या: अकबर, जाफर, जुल्फिकार और फरियाद पर मामला दर्ज

घटना के बाद गाँव में 2 समुदायों के बीच तनाव शुरू हो गया। मौक़े पर पहुँच कर पुलिस ने मामले को शांत करवाया है और...

उत्तर प्रदेश नोएडा के गौतम बुद्ध नगर जिले के दनकौर थाना क्षेत्र में पुलिस ने बुधवार को (जुलाई 18, 2019) खेत में घुसी गाय की हत्या के मामले में तीन आरोपितों को गिरफ्तार किया है। खबरों के मुताबिक अकबर, जाफर, जुल्फिकार और फरियाद पर आरोप है कि इन्होंने मंदिर के सामने एक गाय को भाला मारा, जिसके कारण उस गाय की मौत हो गई।

जनसत्ता में प्रकाशित खबर के मुताबिक दनकौर थाने के प्रभारी निरीक्षक समरेश कुमार सिंह ने बताया है कि ये आरोपित अच्छेजा बुर्ज गाँव के रहने वाले हैं और इन पर ग्रामीण भगवान दास ने मुकदमा दर्ज करवाया है। इसके बाद इन 4 आरोपितों में से 3 की गिरफ्तारी हुई जबकि इनका एक साथी 1 फरार है। पुलिस फरार आरोपित की तलाश में जुटी है।

जानकारी के अनुसार खेत में घुसी गाय को देखकर इन्होंने पहले उसे धारदार हथियार लेकर भगाया और फिर गाँव में एक धार्मिक स्थल के पास उसे घेरकर मारना शुरू कर दिया। घटना में गाय की मौके पर ही मौत हो गई। इस बीच ग्रामीणों को देखकर चारों आरोपित फरार हो गए। लेकिन बाद में पुलिस 3 को गिरफ्तार करने में कामयाब रही।

बता दें कि इस घटना के बाद गाँव में 2 समुदायों के बीच तनाव शुरू हो गया था लेकिन मौक़े पर पहुँच कर पुलिस ने मामले को शांत करवा दिया।

गौरतलब है कि इससे पहले भी उत्तर प्रदेश के गोंडा में खेत की रखवाली करते समय असगर अली नाम के शख्स पर गाय को भाले से मारने का आरोप लगा था। जिसके बाद पुलिस ने उस पर पशु क्रूरता अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया था और मामला 2 समुदायों का होने के कारण सुरक्षा के लिहाज से विशेष पुलिस बल की तैनाती भी की थी। बाद में आरोपित को जेल भेज दिया गया था।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

क्या भारत की राजनीति पहली बार पूरी तरह ‘हिन्दू-केंद्रित’ हो गई है?

क्या भारत की राजनीति का सबसे बड़ा बदलाव चुनावी नतीजों में नहीं, बल्कि राजनीतिक बहस के केंद्र में हुआ है? PM मोदी मजबूत हों या कमजोर, सत्ता में BJP रहे या विपक्ष आए, क्या हिन्दू पहचान और हिन्दू समाज से जुड़े सवाल अब भारतीय राजनीति के केंद्रीय विमर्श का हिस्सा बन चुके हैं?

कुएँ में कूदने की जगह नहीं बची तो रोने लगीं हिंदू महिलाएँ: जानिए- 1947 में रावलपिंडी के तोहा खालसा में 90 हिंदू-सिख महिलाओं ने...

जानिए 1947 के रावलपिंडी दंगों में तोहा खालसा की 93 हिंदू महिलाओं के कुएँ में एक साथ कूदकर जान देने की दर्दनाक कहानी।
- विज्ञापन -