निज़ाम ने स्वीकार किया कि उसने पुलिस के डर से आत्मसमर्पण किया है। उसने कहा कि अपने दोनों साथियों को गोली लगने की ख़बर के बाद वह घबराया हुआ था। उसने सरेंडर करने के दौरान अपना पिस्तौल भी पुलिस को सौंप दिया।
बशीर ने 12 अगस्त को समीरा पर कुल्हाड़ी से प्रहार किया। गले पर गंभीर चोट आने से उसकी मौके पर ही मौत हो गई। इसके बाद बशीर फरार हो गया। 20 अगस्त को पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया।
पिंकी कुमारी ने कदमकुआँ थाने में मेयर पुत्र के साथ-साथ इंद्रदीप कुमार चंद्रवंशी व सतीश कुमार के खिलाफ लिखित में शिकायत दर्ज कराई है। साथ ही मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से इस मामले में हस्तक्षेप की अपील की है।
इससे पहले लूसी कलपूरा को कॉन्वेंट में बंधक बनाने और प्रार्थना से रोके जाने का मामला सामने आया था। लूसी ने बताया कि सोमवार की सुबह जब प्रार्थना के लिए तैयार हुई तो कॉन्वेंट से निकल नहीं पाई। उसे बाहर से बंद कर दिया गया था।
जब कासिम जहाँगीर बन्दूक दिखाकर बलात्कार करता था, उसी वक़्त जहाँगीर की पत्नी किरण वीडियो बनाती रहती थी। इसके बाद पीड़िता को वीडियो और तस्वीरों के नाम पर ब्लैकमेल किया जाता था।
लूसी ने बताया कि वह पिछले दो दिनों से कॉन्वेंट में नहीं थीं। रविवार को लौटी। सोमवार की सुबह जब प्रार्थना के लिए तैयार हुई तो कॉन्वेंट से निकल नहीं पाई। उसे बाहर से बंद कर दिया गया था।
लड़की ने जिस समय हत्या की उस वक्त वो कॉलेज की यूनिफॉर्म में थी। उसने लड़के को घटनास्थल पर बुलाया। दोनों कोने में खड़े होकर बात करने लगे। थोड़ी देर में लड़की ने बैग से चाकू निकालकर वार कर दिया।
पूर्व प्रधान ने 8 वर्ष पहले ही आदिवासियों से ज़मीन सम्बन्धी कागजात पर हस्ताक्षर करा लिए थे। चूँकि, आदिवासी केवल हस्ताक्षर करना जानते थे और वे यह देखने में सक्षम नहीं थे कि कागजात पर क्या लिखा हुआ है, पूर्व प्रधान ने इसका ग़लत फायदा उठाया।
पीड़िता शबनम का कहना है "जब वो पड़ोस में अपने रिश्तेदार के यहाँ जा रही थी तभी अचानक शाहिद और उसके अब्बू जाहिद, भाई सादे और बासिद ने रोककर भला-बुरा कहते हुए उसके साथ मारपीट की। इसी बीच शाहिद ने चाकू निकालकर उसकी नाक काट दी।"
बच्ची चाचा के घर जाने के बजाए मामा के घर कुर्बानी की कलेजी लेकर पहुँच गई थी, जिससे चाचा नाराज था। पहले उसने उसे डाँटा, फिर मारा और बाद में बोरे में उसका शव भरकर नाले में फेंक आया।