घटना फ्रांस के बेलफोर्ट स्थित उत्तर पूर्वी शहर में हुई, जहाँ 20 साल के मुस्लिम युवक को सिर्फ इसलिए अपनी कौम की हिंसा का शिकार होना पड़ा क्योंकि वह एक क्रिसमस पार्टी में शामिल हुआ था।
मौलवी का कहना है कि मुस्लिमों को कोरोना वैक्सीन लेने से पहले फ़तवा का इंतज़ार करना चाहिए। इसी कड़ी में उत्तर प्रदेश के दारूल उलूम देवबंद के मौलवी ने एक बयान दिया है।
जिन्ना शराब पीता था, सूअर का माँस खाता था, उर्दू नहीं बोलता था और नमाज तक पढ़ना नहीं जानता था। तमाम मजहबी विरोधाभासों के बावजूद उन्हें समुदाय विशेष ने प्रेम किया, यह चौंकाने वाली बात जरूर है।
क्या धरती पर बढ़ती आबादी के हिसाब से जन्नत में हूरों की सप्लाई भी बढ़ती जाती है? पुरानी हूरों और नई हूरों को मिलाकर उनकी आबादी का एक मुकम्मल आँकड़ा पेश करें। यह भी बताएँ कि इन हूरों का लाभ अभी कुल कितने मजहबी पुरुषों को मिल रहा है?