"इसी तरह लॉकडाउन के आदेश का उल्लंघन होता रहा तो कर्फ्यू का आदेश देना पड़ेगा। ऐसे हालात मत पैदा कीजिए, जिससे सरकार को देखते ही गोली मारने का आदेश देना पड़े।"
कोरोना वायरस संक्रमण से सर्वाधिक प्रभावित देशों में ईरान भी शामिल है। इससे पहले 15 मार्च को ईरान से 234 भारतीय लाए गए थे। इन्हें जैसलमेर में आमी के वेलनेस सेंटर ले जाया गया था।
उत्तराखंड में 22 मार्च से ही पूरी तरह से लॉकडाउन है। बावजूद विदेशी महिला राज्य में दाखिल हो गई। काठगोदाम रेलवे स्टेशन पर अकेली महिला को देख अधिकारियों के होश उड़ गए।
कोरोना वायरस का संक्रमण रोकने के लिए केंद्र सरकार ने पूरे देश में 21 दिनों के लॉकडाउन का फैसला किया है। यूपी सरकार ने इस दौरान सब्जी, फल, दूध, दवा और अन्य आवश्यक वस्तुएँ लोगों के घर तक पहुॅंचाने की व्यवस्था का ऐलान किया है।
सरकार की गंंभीरता और देश की जागरुकता का ही परिणाम है कि 133 करोड़ आबादी वाले देश में कोरोना सबसे धीमी गति से फ़ैल रहा है, लेकिन द लायर जैसे पोर्टल को शायद देश में इटली जैसी तबाही का इंतजार है।
साथ ही उन्होंने ये भी दावा किया कि वहाँ पर 'इन्फेक्शन रेट' बाकी दुनिया से एकदम अलग है। उन्होंने लिखा कि ये सब बिना लॉकडाउन के ही संभव हुआ। हालाँकि, आज ही ख़बर आई है कि सिंगापुर के दो इंटरनेशनल स्कूलों के बच्चों के 6 पेरेंट्स कोरोना वायरस के शिकार हो गए हैं।
इस प्रस्ताव का सदन में मौजूद सभी 107 बीजेपी विधायकों के अलावा 2 निर्दलीय, बीएसपी और एक एसपी के विधायक ने समर्थन किया। बहुमत प्रस्ताव पारित कराने के लिए सदन में आसंदी पर मौजूद सभापति जगदीश देवड़ा ने मतदान की औपचारिकता पूरी करवाई। इस दौरान हुए मतदान में विश्वास मत को ध्वनिमत के जरिए सर्वसम्मति से पारित कर दिया गया।
तो क्या लॉकडाउन का मतलब लाइफ का लॉक हो जाना? खाना-पीना सब बंद? नहीं। घबराएँ नहीं। आज की रात से पहले जो लॉकडाउन किया गया था, कुछ वैसा ही आगे भी मतलब 14 अप्रैल तक चलेगा।
कोरोना से बचने का इसके अलावा कोई तरीका नहीं है, कोई रास्ता नहीं है। बकौल पीएम, कोरोना को फैलने से रोकना है, तो इसके संक्रमण की सायकिल को तोड़ना ही होगा।