“भारी पथराव और फायरिंग के बीच मुझे हिंसक भीड़ को रोकना था। इसी दौरान एक गोली मेरे सीने की तरफ आई। बुलेटप्रूफ जैकेट तो इससे मुझे नहीं बचा पाई। लेकिन मेरा पर्स जिसमें मैंने भगवान शिव की तस्वीर रखी थी ने बचा लिया।”
"मैं पार्टी कार्यकर्ताओं से अपील करती हूँ कि वे ऐसे सभी स्वार्थी तत्वों, संगठनों व पार्टियों से हमेशा सचेत रहें। वैसे ऐसे तत्वों को पार्टी कभी लेती नहीं है, चाहे वे कितना ही प्रयास क्यों न कर लें।"
एसपी ने बताया कि न केवल पुलिसकर्मी बल्कि मीडिया को भी उन्मादी भीड़ ने निशाया बनाया। उन्होंने कहा कि भीड़ नक़ाबपोश बच्चों की बड़ी संख्या में मौजूदगी इस बात का स्पष्ट संकेत था कि कुछ तत्व उन्हें भड़का रहे हैं।
उपद्रवियों ने पटना के एक मंदिर में तोड़-फोड़ और आगजनी की। क्यों? क्योंकि यह उग्र भीड़ मंदिर के पास से गुजर रही थी। स्थानीय निवासियों और पुलिस ने इन्हें आगे बढ़ने से मना किया। बस, इतनी सी बात पर उपद्रवियों ने मंदिर में तोड़-फोड़ करनी शुरू कर दी, फिर आगजनी भी की।
दंगाइयों के पथराव से सड़कें ईंट-पत्थरों से पट गई। हालात पर नियंत्रण पाने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज, आँसू गैस का इस्तेमाल करना पड़ा। इस दौरान गलियों और छतों से भी पुलिस पर पथराव किया गया।
"CAA और NRC दो अलग-अलग चीजें हैं। NRC अब तक केवल असम में लागू किया गया है। यह पूरे भारत में लागू नहीं किया गया है। हम अभी तक यह नहीं जानते हैं कि NRC में क्या नियम होंगे। राजनीति पार्टियाँ इस पर गुमराह कर रही हैं।"
पटना और भागलपुर में RJD कार्यकर्ताओं ने सड़कों पर चल रहे वाहनों तक में जमकर तोड़फोड़ की। एक ऑटो पर हमलावर होते हुए RJD कार्यकर्ताओं को इतना भी होश नहीं रहा कि वो जिस ऑटोरिक्शे पर लाठी बरसाते हुए उसके शीशे तोड़ रहे थे, उसके अंदर बैठी सवारियों में एक बच्ची भी मौजूद थी।
IIT कानपुर में हिंदू व देश विरोधी इस प्रदर्शन के दौरान जब एक छात्र रोते हुए कहता है - "ये नहीं चलेगा" तो वहाँ मौजूद दंगाईयों और इस्लामी कट्टरपंथियों ने उसे धक्के देकर बाहर कर दिया। 2 मिनट 20 सेकंड के इस वीडियो में स्पष्ट तौर पर...
ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के सचिव हैं मौलाना उमरैन महफ़ूज़ रहमानी। लेकिन दंगा भड़काने और लोगों के बीच भ्रम फैलाने का काम जोर-शोर से कर रहे हैं। शांति बनी रहे के बजाय ये हर वो एक काम कर रहे, जिससे दंगा और बवाल हो। सरकार के खिलाफ लोगों को भड़काने का फरमान...
“मीडिया से हमें पता चला है कि इस कानून के अंतर्गत जितने भी हमारे देश की जनता है, उनकी जनगणना की जाएगी, उनको यहाँ पर नागरिक रखा जाएगा… इस एक्ट के अंदर हमें यही बताया गया है कि हमारे जो मुस्लिम भाई हैं, उनको अपनी नागरिकता साबित करनी होगी।”