पाकिस्तान को अंदाज़ा नहीं था कि भारत इस फायरिंग का ऐसा जवाब देगा कि पाकिस्तानी फ़ौज फिर से ऐसी हिमाकत करने से पहले कई बार सोचेगी। पाकिस्तान ने अमेरिका से कहा है कि भारत दक्षिण एशिया को एक खतरनाक युद्ध की ओर ढकेल रहा है।
“हमें सूचना मिली थी कि केरन, तंगधार व नौगाम सेक्टरों के विपरीत पीओके इलाके में आतंकवादी शिविर चल रहे हैं। इन्हें निशाना बनाया गया और उनका समर्थन करने वाले लोग, पाकिस्तानी चौकियाँ भी हमारी जवाबी कार्रवाई की जद में आए।”
"आतंकवाद के ख़िलाफ़ कार्रवाई में सरकार की तरफ़ से सेना को खुली छूट दी गई है। पाकिस्तान को चेतावनी है कि अगर उसका रवैया आगे भी ऐसा ही रहा तो सेना फिर से ऐसी कार्रवाई करने में नहीं हिचकेगी। आज 4 आतंकी कैम्पों को तबाह कर दिया गया है।"
पिछले साल अकेले सिंध प्रांत में ऐसे तकरीबन 1000 मामले सामने आए थे। पाकिस्तान मानवाधिकार आयोग ने अपनी वार्षिक रिपोर्ट में कहा है कि ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सरकार ने बहुत कम कोशिशें की हैं।
सऊदी पाकिस्तानियों को निकालने में सबसे आगे है। 2014 के बाद से उसने 3,25,000 से अधिक पाकिस्तानियों को निष्कासित किया है। इसी दौरान 52,000 से अधिक पाकिस्तानियों को निष्कासित करके यूएई सूची में दूसरे स्थान पर है।
घुसपैठ में नाकाम रहने पर पाकिस्तानी सेना ने सीजफायर का उल्लंघन करते हुए भारी गोलाबारी की। सेना की जवाबी कार्रवाई में पाकिस्तान को भारी नुकसान उठाना पड़ा। घाटी के लोगों ने भी पाकिस्तान को मुॅंहतोड़ जवाब देने की अपील की है।
शाह महमूद कुरैशी का कहना है कि मनमोहन सिंह ने उनके न्योते का पत्र लिखकर जवाब दिया है। बकौल कुरैशी पूर्व प्रधानमंत्री ने कहा है कि वे आम आदमी की हैसियत से समारोह में हिस्सा लेंगे।