पुलिस से बातचीच में सैयद के पिता ने बताया कि उन्हें पाकिस्तान से फोन आया था। ये कॉल उन्हें वहाँ की जेल से हाल ही में रिहा हुए एक कैदी ने किया था। उसने ही सैयद के वहाँ जेल में बंद होने की जानकारी दी।
इन लड़कियों से पहले तो फ़र्ज़ी शादी का कॉन्ट्रैक्ट किया जाता है, फिर इन्हें चीन ले जाकर देह व्यापार की काली इंडस्ट्री में धकेल दिया जाता है। पाकिस्तान की इस कार्रवाई को चीन द्वारा मसूद अज़हर मामले में भारत के सामने झुकने से जोड़ कर देखा जा रहा है।
हास्य कलाकार ने कहा, "फिर भले ही हम उनका मजाक उड़ा रहे हों, उनके नाम पर कॉमेडी कर रहे हों, या जो भी हो, लेकिन सुन लो ‘आएँगे तो मोदी जी ही’।" साथ ही, उन्होंने कहा कि पाकिस्तान में जिस चैनल से वो वीडियो पेश किया गया उस चैनल का नाम है ‘अब तक’ है जो कि भारतीय चैनल ‘आज तक’ का कॉपी है।
घर में रहने वाली महिला ने आरोप लगाया कि फौजी घर में घुसने के बाद उनका यौन शोषण करने लगे। इस बीच एक लड़की ने बंदूक निकाली और उनमें से एक को मार दिया। ये फौजी मोहमंद राइफल्स से ताल्लुक रखते थे।
किसी 'इंतकाम' को पूरा करने के लिए डॉक्टर ने सैंकड़ों मरीजों को संक्रमित सूई से इंजेक्शन लगाया है। इस वहशियाना हरकत का मंजर ये है कि अब तक 25 बच्चों के मामले सामने आ चुके हैं, जिनमें ज्यादातर बच्चों की उम्र 4 महीने से 8 साल के बीच है।
मेजर जनरल आसिफ गफूर ने रावलपिंडी में प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए बताया कि 1947 में पाकिस्तान में 247 मदरसे थे, जो कि 1980 में बढ़कर 2861 हो गए और मौजूदा वक्त में पाकिस्तान में 30 हजार से ज्यादा मदरसे चलाए जा रहे हैं।
“हमने हिंसक चरमपंथी संगठनों और जिहादी संगठनों को प्रतिबंधित कर दिया है और हम उनके खिलाफ कार्रवाई कर रहे हैं। दहशतगर्दी का समूल नाश करने के लिए बहुत कुछ किए जाने की जरूरत है। हमारे देश ने इस दहशत के साम्राज्य के कारण बहुत नुकसान उठाया है। आतंकवाद के कारण लाखों डॉलर गँवाए हैं।”
अपने देश में सुन्नी समुदाय से उत्पीड़न का सामना करते हुए, अहमदिया सम्प्रदाय के शरणार्थी पाँच साल पहले पाकिस्तान से भागकर यहाँ आए थे। इन शरणार्थियों को यहाँ संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद की मदद से बसाया गया है।