पिछले विधानसभा चुनाव में 'बिहार में बहार' वाला नारा प्रशांत किशोर के दिमाग की उपज थी। उस दौरान नीतीश राजद-जदयू-कॉन्ग्रेस महागठबंधन का चेहरा थे और प्रशांत किशोर उनके प्रमुख रणनीतिकार थे।
बीजेपी नेता के निधन पर शोक प्रकट करते हुए नीतीश ने कहा- "अरुण जेटली जी असाधरण और प्रतिभा के धनी व्यक्ति थे। उन्होंने भारत सरकार के विभिन्न मंत्रालयों की जिम्मेदारी बखूबी सँभाली। वह कानून के जानकार भी थे।"
अगर अनंत सिंह आज कोर्ट में सरेंंडर न करते तो उनके ख़िलाफ़ इश्तेहार और फिर कुर्की की कार्रवाई की जाती। इसके अलावा, उनके क़रीबी लल्लू मुखिया और उसके भाई रणवीर यादव पर हत्या की साज़िश रचने के मामले में कोर्ट ने कुर्की और ज़ब्ती का आदेश दे दिया था।
बिहार के छोटे ऋण लेने वाले कर्ज अदा कर देते हैं, लेकिन जो बड़ी रकम लेते हैं वो आना-कानी करते हैं। बैंकर्स की शिकायत को मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री ने गंभीरता से सुना और आश्वासन दिया कि उनकी सरकार बैंको को लोन वापसी में मदद करेगी।
"अस्पताल प्रभारी मोहम्मद जावेद आलम बिल पास करवाने के बदले में एक रात साथ में सोने के लिए कहता है। गाली-गलौच के साथ बात करता है। वो बोलता है कि तुम बहुत बोलती हो, मारेंगे लात तो बाहर छिटका देंगे, निकाल देंगे।"
जब संजीव नेवर की शिकायत पर राष्ट्रीय SC आयोग ने हस्तक्षेप किया तो जाँच में निकल कर आया कि पुलिस ने कई सारी गलतियाँ की थीं। SHO को मूल FIR बदलने के लिए निलंबित कर दिया गया, और बदले के इरादे से पीड़ित परिवार पर दाखिल दो FIRs नकली निकलीं, और पीड़ितों को पुलिस सुरक्षा दी गई।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, अधिकारियों ने भी पुलिस की समस्या जानने की कोशिश की कि फॉयरिंग क्यों नहीं हो पा रही है, लेकिन जब कोई उपाय नहीं नज़र आया तो बिना सलामी के ही अंत्येष्टि प्रक्रिया सम्पन्न की गई।
पिंकी कुमारी ने कदमकुआँ थाने में मेयर पुत्र के साथ-साथ इंद्रदीप कुमार चंद्रवंशी व सतीश कुमार के खिलाफ लिखित में शिकायत दर्ज कराई है। साथ ही मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से इस मामले में हस्तक्षेप की अपील की है।
अनंत सिंह केवल अपने आपराधिक इतिहास के लिए ही चर्चित नहीं रहे हैं। उनके शौक भी अजीबोगरीब हैं। अजगर पालने की सनक को लेकर वे विवादों में रह चुके हैं। एक बार उन्होंने पटना के अपने घर में एक पत्रकार को भी बंधक बना लिया था।