Monday, August 2, 2021

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राष्ट्रवाद

ऑपइंडिया के पाठकों के नाम सम्पादक का पत्र: आशा है 2021, 2020 जैसा न हो!

ऑपइंडिया सिर्फ पत्रकारिता नहीं है, यह एक मुहिम है जो सनातन आस्था की प्रतिरक्षा के लिए है। यह सिर्फ रिपोर्टिंग का काम नहीं है, बल्कि वामपंथियों के कैंसरकारी नैरेटिव को काटने के लिए अपना नैरेटिव बनाने का काम है।

कंगना की बिकिनी पर बवाल क्यों? | Ajeet Bharti on Kangana’s bikini pic and twitter eruptions!

कंगना रनौत द्वारा अपनी बिकिनी की तस्वीर ट्विटर पर डालने से कई लोग सभ्यता-संस्कृति की बात कर रहे हैं...

‘डरे हुए’ हामिद अंसारी ने राष्ट्रवाद को बताया बीमारी, कहा- कोरोना से पहले ही देश ‘दो महामारी’ का हो चुका है शिकार

राष्ट्रवाद को जहर बता चुके पूर्व उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी ने अब इसमें आक्रामक शब्द जोड़ते हुए इसे बीमारी बताया है।

नेहरू से मतभेद, कॉन्ग्रेस में बढ़ता मुस्लिम तुष्टीकरण… ‘पंजाब केसरी’ ने ऐसे बढ़ाया हिन्दू महासभा को

जब उनका पंडित मोतीलाल नेहरू से राजनैतिक मतभेद हो गया तो उन्होंने 'नेशनलिस्ट पार्टी' का गठन किया और पुनः असेम्बली में पहुँच गए।

पंडित दीनदयाल और एकात्म मानववाद: पश्चिम की बजाय भारत को भारत की ही दृष्टि से देखना आवश्यक

दीनदयाल जी ‘राष्ट्र’ की संकल्पना में व्यक्ति को एक साधन के रूप में देखते हैं। व्यक्ति स्वयं के अतिरिक्त अपने राष्ट्र का भी प्रतिनिधित्व करता है।

मोदी-विरोधी लिबरल गैंग की बल्ले-बल्ले, ‘राष्ट्रवाद’ से लड़ने के लिए 100 करोड़ डालर देंगे जॉर्ज सोरोस

सोरोस के मुताबिक, लोकतांत्रिक रूप से निर्वाचित नरेंद्र मोदी भारत को एक हिन्दू राष्ट्रवादी देश बना रहे हैं। मुस्लिम बहुल अर्ध-स्वायत्त कश्मीर पर दंडात्मक उपाय किए और लाखों मुसलमानों को उनकी नागरिकता से वंचित करने की धमकी दे रहे हैं।

राष्ट्रवाद एक ‘जहर’ है जो वैयक्तिक अधिकारों का हनन करने से नहीं हिचकिचाता: हामिद अंसारी

"यह उत्कृष्ट भावनाओं को प्रेरित करती है लेकिन जब यह सिर चढ़ कर बोलेगी तो ऐसी स्थिति में यह उन मूल्यों को कुचल डालेगी, जिसकी रक्षा देश करना चाहता है। राष्ट्रवाद और देशप्रेम के बीच में भ्रम की ऐसी स्थिति पैदा हो रही है कि यदि इसे इसे छूट मिलती रही तो इसके परिणाम विस्फोटक होंगे।"

न लाल, न भगवा: भगत सिंह किसी की ‘बपौती’ नहीं

यह प्रश्नवाचक चिह्न रह जाता है कि भगत सिंह का नव-जागृत हिन्दू धर्म के साथ कैसा रिश्ता होता। शायद वे तब भी नास्तिक रहते, लेकिन ऐसा भी हो सकता है कि न भी रहते!

टैगोर ने महात्मा गाँधी की देशभक्ति और चरखा को विचारधारा का व्यापार बताया था

टैगोर लगातार अपने लेखन में महात्मा गाँधी की देशभक्ति की आलोचना करते नजर आते थे। उन्होंने लिखा कि किस तरह से कुछ लोगों के लिए यह उनकी आजीविका है, उसी तरह से कुछ लोगों के लिए राजनीति है, जहाँ वो अपने देशभक्ति की विचारधारा का व्यापार करते हैं।

VISTARA एयरलाइंस और जीडी बख्शी मामला: वामपंथी ट्रोलों के मुँह पर जोरदार तमाचा, घर पहुँच माँगी माफी

विस्तारा ने कंपनी के दो सीनियर ऑफिसर्स को रिटायर्ड मेजर जनरल बख्शी के घर भेजकर माफी माँगने का सराहनीय कदम उठाया। इस पर बख्शी ने फेसबुक पोस्ट किया कि यह सैनिक की भावनाओं के लिए एक सम्मानजनक कदम है।

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