हनुमान चालीसा के वितरण से शहर में कानून व्यवस्था की समस्या पैदा हो सकती है, पुस्तक मेले में आने वाले लोग भावनाओं में बह सकते हैं। - ममता सरकार की पुलिस ने हनुमान चालीसा के वितरण पर रोक लगाने के पीछे यही तर्क दिया।
अयोध्या में राम मंदिर निर्माण से पहले विहिप का बड़े कार्यक्रम का ऐलान। ‘रामोत्सव’ नाम से चलने वाला यह कार्यक्रम 25 मार्च को शुरू होगा और 8 अप्रैल को इसका समापन होगा।
इससे पहले पूर्व कॉन्ग्रेस अध्यक्ष राहुल गाँधी ने बलात्कार की ख़बरों पर प्रतिक्रिया देते हुए भारत को दुनिया का रेप कैपिटल बता दिया था। उन्होंने कहा था कि रोज़ के अख़बारों में महिलाओं के साथ दुर्व्यवहार की कई ख़बरें आती हैं। राहुल गाँधी के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए....
VHP के नेताओं ने भी संतों द्वारा सुझाई गई दो तारीखों पर अपनी सहमति दी है और कहा कि उनके द्वारा सुझाई गईं तारीख़ों से बेहतर और कोई तारीख़ नहीं हो सकती। कुल मिलाकर अब सरकार पर भी दबाव रहेगा कि वो जल्द ही ट्रस्ट बनाए और इसमें संतों के प्रमुख वर्गों को शामिल करें।
पत्थरों को तराशने का काम तब भी नहीं रूका था, जब 1992 में बाबरी मस्जिद के ध्वस्त होने के बाद विहिप और आरएसएस को 6 महीने के लिए प्रतिबंधित कर दिया गया था। यह तब भी अनवरत रूप से चल रहा था।
परांदे ने हाल ही में असम में खत्म हुई नेशनल रजिस्टर ऑफ़ सिटिज़ंस (एनआरसी) की कवायद और नागरिकता अधिनियम (सिटिज़ेशनशिप बिल) की भी बात की। उन्होंने कहा कि देश में हिन्दुओं के हित में सिटिज़ेशनशिप बिल में संशोधन किया जाना बेहद ज़रूरी है।
प्रतिनिधिमंडल में संत समिति, अयोध्या के अध्यक्ष महंत कन्हैयादास; मणिरामदास चानवी के महंत कमलनयन दास; श्री रामचरित्रमण भवन के महंत अवधबिहारी दास; और स्थानीय भाजपा नेता वैश्य विनोद जायसवाल शामिल थे।
दिनदहाड़े हत्या से प्रदेश की क़ानून-व्यवस्था पर सवालिया निशान लग गया है। आक्रोशित लोगों ने विहिप नेता का शव रख सड़क जाम कर दिया। अधिकारियों के समझाने पर लोग शव को पोस्टमार्टम कराने को राजी हुए।
प्रतिमा विहिप के शीर्ष नेतृत्व की मौजूदगी स्थापित किया जाएगा। इस आयोजन की बड़े पैमाने पर तैयारी की गई है। प्राण प्रतिष्ठा से पहले दुर्गा वाहिनी चार किलोमीटर की शोभा यात्रा निकालेगी। बजरंग दल के कार्यकर्ता मोटरसाइकिल रैली निकालेंगे।
विश्व हिंदू परिषद के प्रांत समन्वय प्रमुख शमशेर सिंह ठाकुर के मुताबिक ईसाई मिशनरी की प्रार्थना सभा की आड़ में धर्म परिवर्तन कर रहे हैं। हिंदू संगठनों ने प्रशासन से भविष्य में इस प्रकार की गतिविधियों पर नजर रखने की माँग की है।