उदयपुर जिले के सराड़ा थाना क्षेत्र में 1 जून को केजड़ तालाब पर मछली पकड़ने के विवाद में एक हिंदू दलित युवक मुकेश मीणा की देर रात चाकू मारकर हत्या कर दी गई।
बाइक टकराने को लेकर हुई इस झड़प को मीडिया रिपोर्ट्स में साम्प्रदायिक हिंसा का रूप देकर पेश किया जा रहा है। लेकिन ऑपइंडिया ने जब थाने में संपर्क किया तो पुलिस ने कहा कि इस घटना में साम्प्रदायिक हिंसा जैसा कोई मामला नहीं है।
दंगों में हुई मौत में अब तक मिली जानकारी के अनुसार सात हिन्दू हैं जबकि कुछ के नाम और पहचान अभी सार्वजनिक होने बाकी हैं। जिन 5 लोगों के बारे में अभी पता नहीं चला है कि उनके नाम क्या हैं, वो हिन्दू भी हो सकते हैं और दूसरे मजहब के भी।
खम्भात स्थित आनंद जिले के कार्यवाहक पुलिस अधीक्षक दिव्य मिश्रा ने बताया है कि रविवार को अकबरपुरा इलाके में दोनों समुदायों के बीच 24 जनवरी के दंगे को लेकर मौखिक बहस शुरू हो गई, जो आपस में मारपीट और पथराव में बदल गई।
"यह मामला अपहरण का नहीं बल्कि प्रेम प्रसंग का है। लड़की के दूसरे समुदाय के होने के कारण दबाव में पुलिस हमारे पूरे परिवार और रिश्तेदारों को परेशान कर रही है।" - गिरफ्तार हुए प्रेमी गौरव की माँ ज्योति देवी
धनबाद के झरिया में महिलाओं से बदसलूकी। शवयात्रा में शामिल लोगों को भी पीटा। बीते दिनों धनबाद में सीएए विरोध के नाम पर भी पैदी की गई थी अराजकता। दबाव में 3000 दंगाइयों के साथ प्रशासन ने दिखाई थी नरमी।
आरोपितों ने घटना का जिक्र करने पर छात्राओं को जान से मारने की धमकी भी दी। इतना ही नहीं जब पीड़िताओं के परिजनों ने मामला दर्ज कराया तो उन पर दबाव बनाने के लिए आरोपितों के परिजन उनके गॉंव पहुॅंच गए।
अब स्थिति सामान्य है। लेकिन गाँव वाले फ्लैगमार्च निकालकर अपना विरोध दिखा रहे हैं। मामले के संबंध में 3 युवकों को गिरफ्तार किया गया है। मगर रिपोर्ट अभी किसी के ख़िलाफ़ दर्ज नहीं हुई हैं