हास्यास्पद यह है कि जितनी भीड़ वामपंथियों ने विरोध के लिए जुटाई थी और जितनी ऊँची आवाज में वो विरोध कर रहे थे, उससे कहीं अधिक जय श्री राम के नारे की गूँज सुनाई दे रही थी। वीडियो में वामपंथी विरोध की दम तोड़ती आवाज को सुनिए और मजे लीजिए।
राम मंदिर के हक में फैसला आने के बाद उत्तर प्रदेश के मेरठ जोन में मुस्लिम बहुल इलाकों में शांति भंग करने की कोशिश के आरोप में आईपीसी की धारा 151 के तहत 10 लोगों को गिरफ्तार किया गया।
"मेरी राय है कि मामले को ज्यादा बढ़ाना उचित नहीं है। पुनर्विचार के लिए उच्चतम न्यायालय में जाना बेहतर नहीं है। मुस्लिम समुदाय पहले से कहता रहा है कि वह फ़ैसले का सम्मान करेगा और लोग इससे सहमत हैं।"
“जिस तरह से हिन्दू भाई हमारे फंक्शन रमजान में, बकरीद में हमारा साथ देते हैं, उसी तरह से फैसला के आने के बाद हम सभी मिलकर राम मंदिर बनाएँ और जहाँ तक हमारे सोने की ईंट की बात थी, वो हम देंगे।”
भगवान राम को घर- घर पहुॅंचाने में तुलसीदास कृत रामचरितमानस की भूमिका अतुलनीय है। अयोध्या में रामलला को उनकी जमीन कानूनी तौर पर वापस दिलाने में ऐसी ही भूमिका भारतीय वकालत के भीष्म पितामह कहे जाने वाले पराशरण ने निभाई है।
अयोध्या पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद से गोगोई रामभक्तों की आँखों के तारे बन गए हैं। कोई प्रणाम करने के लिए उनका घर ढूँढ़ रहा है तो कोई उन पर ईश्वर की कृपा बने रहने की कामना कर रहा है।
"इस फैसले को सहज रूप से सभी को स्वीकार करना चाहिए। इससे सर्वधर्म सद्भाव की भावना भी और मजबूत होगी और साथ ही साथ उन्होंने विश्वास जताया कि इससे सामाजिक ताना-बाने को भी मजबूती मिलेगी।"
सुन्नी वक़्फ़ बोर्ड के वकील जफरयाब जिलानी ने शरीयत क़ानून का जिक्र करते हुए कहा कि मस्जिद किसी को नहीं दिया जा सकता है। जिलानी ने कहा कि मस्जिद की कोई क़ीमत नहीं होती और मस्जिद की मिलकियत अल्लाताला के पास होती है।
फासिस्ट फकीरा ने सुप्रीम कोर्ट के फ़ैसले को 'न्याय' न बताकर 'निर्णय' करार दिया और लिखा कि INDIA को आज आधिकारिक रूप से HINDU REPUBLIC घोषित किया गया है।
सुप्रीम कोर्ट ने बहुप्रतीक्षित फ़ैसला सुनाया दिया है। अयोध्या की पूरी विवादित ज़मीन रामलला की है। मंदिर वहीं बनेगा। मस्जिद के लिए अयोध्या में ही कहीं और 5 एकड़ ज़मीन दी जाएगी।