इस दौरान मंदिर के पुजारियों ने करवान इलाके के नदीम को सम्मानित भी किया, क्योंकि हैदराबाद के वो पहले शख्स थे जिन्होंने तेलंगाना के रंग रेड्डी गाँव में मोइनबाद मंडल के पास एक छोटी बच्ची का बलात्कार होने से बचाया था। पुजारियों ने उन्हें इस दौरान आशीर्वाद के साथ 'जटायु सेना' का पहला सदस्य होने का सम्मान दिया।
19 जून की देर रात बच्ची के साथ बलात्कार और फिर उसकी हत्या। 24 जुलाई को कोर्ट में मामले की सुनवाई शुरू हुई। मात्र 6 कामकाजी दिनों (छुट्टियों को छोड़कर) के भीतर गवाहों गवाही ली गई। 8 अगस्त 2019 को दोषी को मौत की सजा सुनाई गई।
रजिया की मौत के बाद सद्दाम ने बच्चों की देखभाल की जिम्मेदारी उठाने का वादा किया था। लेकिन जब उसने इससे इनकार कर दिया तो आरोपितों ने उसे मौत के घाट उतार दिया।
शहर के जाने-माने लिस्बन रेस्ट्रोबार में महिला को अवैध रूप से काम पर रखा गया था। पीड़िता ने आरोप लगाया है कि जब उसने मदद के लिए पुलिस से गुहार लगाई तो पुलिस ने भी उसे बचाने में आनाकानी की।