अमूमन देखने को मिलता है कि 'आंदोलनों' के समर्थन में नौकरी छोड़ने वाले अफसर या तो करप्शन के आरोपित हैं या फिर कुछ दिन बाद उनका पॉलिटिकल एजेंडा सामने आ जाता है।
जम्मू कश्मीर की स्थानीय पार्टियों का भारत-विरोधी रुख तो जगजाहिर है, लेकिन अब कॉन्ग्रेस पार्टी भी फ़ारूक़ अब्दुल्लाह और महबूबा मुफ़्ती जैसे नेताओं के सुर में सुर मिला रही है।