मस्जिद कमेटी का कहना है कि रमजान 1 मार्च से शुरू हो रहा है, इसलिए मस्जिद को तैयार करना जरूरी है। वे हर साल सफेदी, सफाई, मरम्मत और लाइटिंग का काम करते हैं।
कोर्ट ने माना कि यह मामला एक मामूली विवाद का परिणाम था, जब दोनों पक्षों ने साथ रहने की इच्छा को व्यक्त किया तो फैसला इसी तथ्य को आधार बनाकर सुनाया गया।