"यदि राहुल गॉंधी का नाम राहुल सावरकर होता तो हम सबको अपना मुॅंह छिपाना पड़ता। अब हम उम्मीद करते हैं कि उद्धव ठाकरे अपना वादा निभाएँगे। वे कई बार कह चुके हैं कि यदि किसी ने सावरकर का अपमान किया तो वे उसे सार्वजनिक रूप से पीटेंगे। मैं उम्मीद करता हूॅं कि शिवसेना ने सावरकर पर अपना स्टैंड नहीं बदला होगा।"
गॉंधी परिवार की करीबी सैमसन पर यूपीए सरकार काफी मेहरबान थी। उन्हें संगीत नाटक अकादमी और सेंसर बोर्ड का अध्यक्ष बनाया गया था। वे कलाक्षेत्र की निदेशक भी थीं।
कुछ लोगों ने महात्मा गाँधी का नाम भी सुझाया तो छात्रों ने यह कहकर इसे ख़ारिज किया कि वाराणसी में पहले से ही महात्मा गाँधी काशी विद्यापीठ है। उन्होंने कहा कि सावरकर का नाम भी चल सकता है क्योंकि वो भी महामना के सहयोगी रहे हैं।
"देश का इकलौता प्रतीक चिह्न अशोक स्तम्भ ही नहीं है। मंत्रालय की नियमित प्रेस ब्रीफिंग के दौरान इस विषय को सम्बोधित करते हुए कहा, "यह प्रतीक हमारा राष्ट्रीय फूल है और फर्जी पासपोर्ट को पहचानने के लिए सिक्यॉरिटी फीचर मजबूत करने का एक कदम है।"
"2008 में आर्थिक संकट के दौरान भारतीय बैंकों ने लचीलापन दिखाया था। तब मैं वित्त मंत्री था, सार्वजनिक क्षेत्र के एक भी बैंक ने धन के लिए मुझसे सम्पर्क नहीं किया था। लेकिन अब सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों को बड़े पैमाने पर पूंजी की ज़रूरत है और अगर उन्हें यह मुहैया कराई जा रही है तो इसमें कुछ भी ग़लत नहीं है।"
इंदौर में जब मीडिया ने सिंधिया से बिल पर राय पूछी तो एक ही बात को बार-बार घुमाकर बोल रहे थे, जिसका कोई मतलब नहीं निकल रहा था। वीडियो में वो थोड़े से बदहवास से भी नज़र आ रहे थे। नागरिकता संशोधन विधेयक को बार-बार ‘अध्यादेश’ बोल रहे थे।
अधीर रंजन चौधरी का बयान अरुचिपूर्ण तो है ही तथ्यों और आँकड़ों के आलोक में भी कहीं नहीं टिकता। जिस भारत को वो 'रेप इन इंडिया' बता रहे हैं, वह एक सालाना सर्वे में 117 देशों में बलात्कार के मामलों में 94वें नंबर पर है।
"वहाँ हालात सामान्य है। मैं कॉन्ग्रेस की स्थिति को सामान्य नहीं बना सकता, क्योंकि उसने अनुच्छेद 370 को निरस्त करने के बाद खून-खराबे की भविष्यवाणी की थी। मगर उस तरह का कुछ नहीं हुआ, एक गोली नहीं चली।"
1998 में बंद पड़ी एक कंपनी के अधिग्रहण के लिए 2009 में सेल को मजबूर किया गया। प्रचार ऐसे किया गया मानो बड़े पैमाने पर रोजगार पैदा होगा। नतीजा सिफर रहा। 10 साल बाद भी जमीन का टाइटल सेल के नाम ट्रांसफर नहीं हुआ है।