1999 के और आज के समय में बहुत फ़र्क है। भविष्य के युद्धों में सैनिकों की संख्या से ज्यादा महत्वपूर्ण उनकी दक्षता, अत्याधुनिक हथियार और उपकरण, सूचना-तकनीक ढाँचा आदि होंगे। इसलिए भारतीय सेना को नई जरूरतों के अनुसार तैयार किया जाना आवश्यक है।
यूजर के ट्वीट के बाद एक क्षण ऐसा आया जहाँ बरखा दत्त की फजीहत पर हर कोई हँसने लगा। यूजर ने उन्हें ये तक कहा था कि आगे की शर्मिंदगी से बचने के लिए ब्लॉक कर दो।
हमें ध्यान में रखना होगा कि जिस लोकतंत्र पर हम गर्व करते हैं उसकी सुरक्षा तभी तक संभव है जबतक राष्ट्रीय सुरक्षा का विषय किसी राजनीतिक दृष्टिकोण का मोहताज नहीं है।
पाकिस्तानी फौजियों ने भारतीय सैनिकों से कहा था, "अपने मरे आदमी को ले जाओ, हमें रवीना और माधुरी दे दो।" इसी ताने के जवाब में IAF ने मिसाइल पर नवाज का नाम लिखा था।