एक समय था जब यासीन मलिक खुलेआम कश्मीरी पंडितों की हत्या की बात स्वीकारता था और तत्कालीन पीएम उसका स्वागत करते थे। यही वजह है कि मुशाल को राहुल गाँधी से उम्मीद है कि वो उनके शौहर को बचाएँगे।
सीसीटीवी में दिखाई दे रहा है कि शाम करीब 7.25 पर रात के खाने के समय, जब सारे वर्कर डिनर के लिए इकट्ठा हो रहे थे, तभी दो आतंकी मेस में घुसे और फिर वहाँ ताबड़तोड़ गोलियाँ चलाई गईं।