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जवाहरलाल नेहरू

‘मीरजाफर’ मिलते गए और चाओ-माओ बढ़ते गए: 1949 तक भारत से लगती भी नहीं थी चीन की सीमा

वह असंतोष न चीन के कम्युनिस्टों के हक में होगा और न भारत के वामपंथियों और उनके पोषक कॉन्ग्रेस के। इसलिए, नानजिंग के प्रेसिडेंशियल पैलेस और जनपथ की बेचैनियाँ आज एक सी दिख रहीं।

सितंबर 1957 से अक्टूबर 1962 तक PM नेहरू की विदेश नीति… और चीन के कब्जे में चला गया 37544 वर्ग km

...आखिरकार सितंबर 1962 में PM नेहरू को जानकारी मिली कि लद्दाख की गलवान नदी तक के इलाके में चीनी सेना कब्जा जमा चुकी है। लेकिन...

‘चीन के हाथों 45 सालों बाद जवानों का खून’ वामपंथी मीडिया द्वारा सुनाया जा रहा अक्साई चीन के सच का अधूरा हिस्सा है

भारत ने हाल ही में अक्साई चीन के इस क्षेत्र में सड़क निर्माण किया है। जिसका कि चीन की कम्युनिस्ट सरकार की ओर से काफी विरोध किया गया। सामरिक दृष्टि से यह क्षेत्र संवेदनशील है।

जब तिब्बत की संस्कृति और लोगों को तबाह कर रहा था चीन, उसके सैनिकों के लिए नेहरू ने भेजे थे चावल

आत्ममुग्ध नेहरू ने ​कई भूल किए। इनमें से एक तिब्बत भी है। विश्वनेता बनने की उनकी चाह ने चीन की सभी इच्छाएँ पूरी की थी।

जैकलीन कैनेडी की फोटो पास में रख कर सोते थे नेहरू: CIA के पूर्व अधिकारी ने बताए किस्से

सीआईए के पूर्व अधिकारी ब्रूस रिडेल का एक क्लिप वायरल हो रहा है। इसमें उन्होंने नेहरू और जैकलीन कैनेडी के संबंधों के बारे में बात की है।

सावरकर की 10 साल बाद याचिका Vs नेहरू का बॉन्ड भरकर 2 हफ्ते में जेल से रिहाई: किसने कितना सहा?

नेहरू ने कभी भी नाभा में प्रवेश ना करने का बॉन्ड भरा, अपनी सज़ा माफ कराई। उनके पिता उन्हें छुड़ाने के लिए वायसराय तक सिफारिश लेकर...

लद्दाख में घास नहीं जमती, कश्मीर मुस्लिम बहुल: नेहरू कृपा से आज फिर खड़े हैं अक्साई चीन पर सैनिक

चीनी प्रीमियर चाऊ एन लाई जब भारत पहुँचे तो सड़क पर जनता हाथों में पोस्टर लिए निकली। इन पर लिखा था- "चीन से सावधान" "कठोर रहना नेहरू" "चीनी घुसपैठियों के सामने समर्पण नहीं।"

इस्लाम, ईसाई और पश्चिम की हीन भावना पर टिका है नेहरूवाद: जवाहर लाल नेहरू को सीता राम गोयल की ‘श्रद्धांजलि’

"नेहरूवादी फॉर्मूला यह है कि उसे कोई फर्क नहीं पड़ता कि असली अपराधी कौन है, हिंदुओं को हर हाल में अभियुक्त बनाया जाना चाहिए।"

मैं तुम्हें ऑटो-रिक्शा और स्कूटर भेजूँगी, तुम उन्हें बस समझना: गाँधी (प्रियंका) 2.0

आखिरी बार जब गाँधी परिवार ने कोई चमत्कार कर दिखाया था, तब प्रियंका के भाई राहुल गाँधी एक तरफ से आलू डालकर दूसरी तरफ से सोना...

कोर्ट में बैठी जनता अगर न्याय करती तो गोडसे निर्दोष घोषित होते: याचिका की सुनवाई करने वाले जज खोसला

"गोडसे सिरफिरे इन्सान बिल्कुल भी नहीं थे। वो पुणे में रहते थे जहाँ देश विभाजन का कोई असर नहीं हुआ था। वो फिर भी गाँधी को मारने गए क्योंकि..."

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