16 दिसंबर 2012 को देश की राजधानी दिल्ली में निर्भया के साथ चलती बस में दरिंदगी हुई थी। चारों दरिंदों की फॉंसी टालने के लिए 19 मार्च की रात भी उनके वकीलों ने पूरी कोशिश की। आतंकी याकूब मेनन के मामले की तरह देर रात सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया।
हम हर ऐसी वारदात के बाद कैंडल मार्च करते हैं। दरिंदों को फाँसी देने की गुहार लगाते हैं। हैशटग चलाते हैं। निंदा करते हैं। न्याय प्रशासन को कोसते हैं। लेकिन एक काम जो हम करना भूल जाते हैं वो होता है ऐसी महिलाओं की सोच को सुधारना.....
डीसीपी ऑफिस में कार्यरत एएसआई रविंद्र बुधवार की रात करीब 7 बजे अपने भतीजे से मिलने गए थे। मगर वापसी के दौरान उन्होंने तीन लोगों के बीच आपसी झड़प होती देखी। इनमें से एक ने इसी बीच 2 राउंड गोली फायर कर दी और फिर भागना शुरू कर दिया।
सुरेंद्र का सफदरगंज अस्पताल में पहले से ही इलाज चल रहा था। उन्हें रात के क़रीब 11 बजे हार्ट अटैक आया था। उन्हें अस्पताल ले जाते समय कालिंदी कुञ्ज मार्ग पूरी तरह बंद था।
भारत में अब तक कोरोना वायरस के 126 मामले आ चुके हैं और 3 लोगों की मौत भी हो चुकी है। इनमें 22 विदेशी नागरिक शामिल हैं। मरने वाले लोग महाराष्ट्र, दिल्ली और कर्नाटक के हैं।
संक्रमित व्यक्ति की रिपोर्ट आने से पहले वह अपनी पत्नी और दो बच्चों के संपर्क में आया था। जबकि उसकी माँ उसके छोटे भाई के साथ उसी इलाके में लेकिन दूसरे घर में रहती थी, जिन्होंने बीमार होने से कुछ दिन पहले अपने बेटे से मुलाकात की थी।
छात्रों ने गेट को तोड़ने के साथ-साथ प्रशासनिक भवन को भी नुकसान पहुँचाया। कार्यवाहक कुलपति जब मामले को सुलझाने की कोशिश कर रहे थे उसी समय कुछ छात्रों ने उनके ऑफिस की खिड़की की काँच तोड़ अंदर घुसने की कोशिश।
चिंटू के ख़िलाफ़ नजमा नामक महिला ने दिल्ली दंगों से संबंधित मामला दर्ज कराया था। उसका आरोप था कि चिंटू ने उसके घर से सारी चीजें चोरी कर ली। CCTV से पता चला कि गृह मंत्रालय में कार्यरत चिंटू अपने घर व जान-माल की सुरक्षा के लिए बाहर पहरा दे रहा था, वो भी सिर्फ एक छड़ी के सहारे!
पीड़िता ने शिकायत में कहा है कि शादी का वादा करने के बाद 2 जनवरी को अली उसे एक गेस्ट हाउस में ले गया। वहाँ उसके साथ जबरन शारीरिक संबंध बनाए। रेप के बाद अली फरार हो गया। उसने अपने सभी सोशल मीडिया अकाउंट भी डिलीट कर दिए।