लगातार धर्म की आड़ में आतंकियों को पालने वाले पाकिस्तान को अच्छे से यह बात मालूम है कि जो आतंक का बीज़ वो अपनी धरती पर लगाता है, उसकी जड़ें भी बनेंगी और वो फैलेंगी भी।
भारत में रह कर पाकिस्तान की भाषा बोलने वालों को यह बताने का समय आ गया है कि आप ऐसी घटिया हरक़त कर के देश की जनता को और उस जनता की मदद से चला रहे अपने व्यापार को ग्रांटेड नहीं ले सकते। अब समय आ गया है।
सिद्धू ने कहा की वो इसकी कड़ी निंदा करते हैं लेकिन आतंकवाद का कोई देश या धर्म नहीं होता। सिद्धू का पाकिस्तान प्रेम अक्सर सामने आता रहता है। सिद्धू पाकिस्तान के जनरल बाजवा से गले भी मिल चुके हैं।
बसंत पंचमी की सुबह बीएसएफ बटालियन 136 के जवान बीओपी मोहम्मदीवाला के करीब फेंसिंग के साथ-साथ गश्त कर रहे थे। इसी दौरान उन्हें सतलुज नदी में पड़ी लकड़ी की एक पुरानी पाक नाव मिली।
कश्मीर के रहने वाले डॉ अयाज़ रसूल नाज़की 2007 में शारदा पीठ गए थे। डॉ नाज़की की माँ के पूर्वज हिन्दू थे इसलिए वे अपनी जड़ों को खोजने शारदा पीठ गए थे। गत 60 वर्षों में वे पहले और अंतिम भारतीय कश्मीरी थे जो शारदा पीठ गए थे।
Ejiao नामक दवा बनाने के लिए गदहों को धैरती पर सुला कर उनके सिर पर हथौड़ों से ज़ोर-ज़ोर से प्रहार किया जाता है, जिससे कि वो एक धीमी और दर्दनाक मौत मरते हैं।
USA की World Threat Assessment रिपोर्ट का विस्तृत विश्लेषण। इस रिपोर्ट में भारतीय लोकसभा चुनाव से लेकर आतंकवाद और भारत-चीन, भारत-पाकिस्तान रिश्ते पर बात की गई है।
साल 2018 भारतीय सेना के लिए उपलब्धियों भरा रहा। पिछले साल हमारी सेना ने 250 आतंकवादियों को मार गिराया, 54 आतंकियों को ज़िंदा पकड़ा और 4 आतंकियों ने आत्मसमर्पण किया