कर्नाटक कॉन्ग्रेस सोशल मीडिया सेल के अध्यक्ष श्रीवत्स ने लिखा कि उस फैजान का क्या, जिसे दिल्ली पुलिस ने 'लाठी से पीट-पीट कर मार डाला?' उन्होंने दावा किया कि बाकी के 40 पीड़ित परिवारों को यूँ ही छोड़ दिया गया है। इसी तरह बाकी इस्लामी कट्टरपंथी भी गुस्से में नज़र आए।
केजरीवाल ने अंकित शर्मा के परिवार के लिए मुआवजे की घोषणा की। कहा कि साथ ही पीड़ित परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी भी दी जाएगी। हालाँकि, अपनी पार्टी के नेता और निगम पार्षद ताहिर हुसैन पर केजरीवाल ने पूरी तरह चुप्पी साधे रखी और कुछ नहीं कहा।
कन्हैया कुमार और उसके साथियों के खिलाफ बीते साल जनवरी में ही पुलिस ने आरोप पत्र दायर किया था। लेकिन केजरीवाल सरकार फाइल पर कुंडली मारे बैठी थी। दबाव बढ़ने पर अब उसने देशद्रोह का केस चलाने को मॅंजूरी दे दी है।
दिल्ली दंगों पर केजरीवाल की यह प्रतिक्रिया ऐसे वक्त में सामने आई है जब बलिदानी कॉन्स्टेबल रतनलाल के घर पहुॅंचने पर उन्हें विरोध का सामना करना पड़ा था। साथ ही देर रात जामिया मिलिया इस्लामिया के छात्रों और पूर्व छात्रों ने उनके घर का घेराव भी किया था।
अरविन्द केजरीवाल और दिल्ली के उप-मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया वीरगति को प्राप्त रतन लाल के परिवार से मिलने जैसे ही पहुँचे, आक्रोशित लोगों ने 'केजरीवाल, वापस जाओ' और 'जो बैक केजरीवाल' के नारे लगाने शुरू कर दिए। इसके बाद केजरीवाल उलटे पाँव वहाँ से लौट गए।
दिल्ली में शांति बहाली को लेकर अमित शाह के नेतृत्व में हाई लेवल मीटिंग हुई। इस दौरान पुलिस-विधायकों के बीच समन्वय, पर्याप्त बल की तैनाती और अफवाहों को नियंत्रित करने पर मुख्य रूप से चर्चा की गई।
एक तरफ अघोषित नीति के तहत फेल होने वाले बच्चों का एडमिशन नहीं लिया जाता। दूसरी तरफ कहानियॉं सुनाकर उनको खुश दिखाने का प्रोपेगेंडा रचा जा रहा है। पर दुर्भाग्य से यह कसरत भी आधी-अधूरी ही है।
दिल्ली दंगों के दौरान केजरीवाल सरकार पर बहुत सवाल उठे। जाने-माने पत्रकारों से लेकर कई बड़ी हस्तियों ने उनसे इस मामले पर बोलने की गुहार लगाई। लेकिन अपनी मनमानी चलाने के विख्यात केजरीवाल को ये आलोचना रास नहीं आई और उन्होंने फौरन उन्हें अनफॉलो कर दिया।
केजरीवाल जी ताजा-ताजा बने हनुमान भक्त हैं और भगवान श्री राम हनुमान जी के आराध्य हैं। इसलिए केजरीवाल जी ने दिल्ली की हवा को बिलकुल उसी तरह दण्ड देने का निर्णय लिया है, जिस प्रकार श्री राम ने समुद्र को सुखाने का निर्णय लिया था।
"गृह मंत्री अमित शाह जी से मिला। बहुत ही फलदायी मुलाकात रही। दिल्ली से जुड़े तमाम मुद्दों पर चर्चा हुई। हम दोनों सहमत हुए कि दिल्ली के विकास के लिए मिलकर काम करेंगे।"