2014 से पहले के कई वीडियो का उपयोग करके, जब पीएम मोदी सत्ता में नहीं थे, कामरा जैसे 'नफरती चिंटू' ने देश में मोदी सरकार के खिलाफ दुष्प्रचार और झूठ के प्रसार का ही काम किया है।
केजरीवाल के मुताबिक गंभीर ने उनका अपमान करने के बाद उन्हीं के ख़िलाफ़ मानहानि का मामला दर्ज कराया है। अब वे भी गौतम गंभीर को मानहानि का नोटिस भेजने जा रहे हैं। केजरीवाल का कहना है कि वो इस मामले को नहीं छोड़ेंगे।
गौतम गंभीर ने लिखा है, "अगर वो ये साबित कर देते हैं कि उस पर्चे से मेरा कोई लेना-देना है, तो मैं जनता के बीच अपने आप को फाँसी लगा लूँगा। अगर ऐसा नहीं हुआ तो अरविंद केजरीवाल को राजनीति से संन्यास लेना होगा। क्या यह चुनौती स्वीकार है?"
हाल ही में मतदाताओं से अपनी ऊँगली का इस्तेमाल स्वरा भास्कर की तरह नहीं, बल्कि समझदारी से मतदान के लिए करने की अपील करने वाले ‘प्लाकार्ड गाय’ ने नई पहल शुरू की है। इस बार प्लाकार्ड की मदद से मधुर सिंह ने केजरीवाल द्वारा उनके राज्य दिल्ली में ही फैलाए गए उनके ‘रायतों’ और धरनों के बीच भुला दिए गए उनके वायदों की याद दिलाई है।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विवादित बयान देते हुए दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को ‘लतखोर' और 'धरनामंत्री’ कह डाला। उन्होंने केजरीवाल से सवाल करते हुए कहा कि AAP प्रमुख शहर की सरकार के मुखिया हैं अथवा धरना और प्रदर्शन के नेता हैं?
हरीश गहलोत ने इन पैसों को भेजने के पीछे बेटे की पढ़ाई का तर्क दिया था, लेकिन ईडी ने अपने जाँच में पाया कि इन पैसों से दुबई में दो फ्लैट बुक करवाए गए। ईडी ने इन्हीं अनियमितताओं के लिए दिल्ली और हरियाणा में मौजूद हरीश गहलोत की संपत्ति जब्त की है।
सुरेश AAP की रैलियों और सार्वजनिक बैठकों के लिए एक आयोजक के रूप में काम करता था। पुलिस ने पार्टी के रजिस्टर्ड कार्यकर्ता से भी इस बारे में पूछा। उन्होंने इस बात की पुष्टि की कि वो आम आदमी पार्टी के कार्यक्रमों को आयोजित करने में मदद किया करता था।
जनता के बीच प्रचार के दौरान 'मोदी-मोदी' नारे सुनने वाले केजरीवाल पहले नेता नहीं हैं इससे पहले राहुल गाँधी, कन्हैया कुमार और उर्मिला मातोंडकर की भी रैली के दौरान या उनके भाषण के बीच में मोदी समर्थकों ने नारेबाजी की थी।
आम आदमी पार्टी के समर्थकों या फिर प्रशंसकों के लिए अब केजरीवाल के नजदीक जाना काफी मुश्किल होगा। अब वो पहले की तरह करीब जाकर ना तो हाथ मिला सकते हैं और ना ही माला पहना सकते हैं। केजरीवाल के आस-पास सुरक्षाबलों का मजबूत घेरा होगा।