करीब दस साल पहले फलों की दुकान लगाने वाले मोहम्मद इकबाल अब अरबों की संपत्ति के मालिक हैं। इनकी सहारनपुर में सैंकड़ों एकड़ में फैली ग्लोकल यूनिवर्सिटी भी है।
अनुपमा लोकसभा चुनाव अभियान के अंतर्गत गोंडा में आयोजित विजय संकल्प साइबर योद्धा सम्मलेन में लोगों से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सशक्त करने का आह्वान करने पहुँची थीं।
इससे पहले भी गुड्डू पंडित पीएम मोदी व सीएम योगी के लिए अपशब्दों का प्रयोग कर चुके हैं। उन्होंने पूर्व विधायक अरिदमन सिंह के लिए भी अपशब्दों का प्रयोग किया था। ये इस चुनाव के दौरान पाँचवा मौक़ा है जब उन्होंने ऐसी हरकत की है। उनके ऊपर रंगदारी सही सात आपराधिक मामले दर्ज हैं।
बीजेपी पाँचवें नम्बर पर है। पार्टी के पास केवल ₹82 करोड़ बैंक बैलेंस है, लेकिन भाजपा का दावा है कि पार्टी द्वारा 2017-18 में दान से प्राप्त ₹1027 करोड़ में से ₹758 करोड़ खर्च कर दिए है
यह बिलबिलाहट जनाधार खो चुकी लुटेरी पार्टियों और चाटुकार पक्षकारों का सामूहिक रुदन है। जब तक यह सर्वजन के हित की बात नहीं करेंगे। तब तक इनका भला नहीं होने वाला अब जनता जाग चुकी है, धोखे से न नेता को वोट मिलने वाला है और न ही पक्षकारों को रीडर या दर्शक।
मायावती ने मूर्तियों पर खर्च की गई सरकारी रकम को न्यायोचित ठहराते हुए हलफनामे में कहा है कि विधानसभा में चर्चा के बाद मूर्तियाँ लगवाई गईं और इसके लिए बाकायदा सदन से बजट भी पास कराया गया था।
मायावती ने चंद्रशेखर द्वारा वाराणसी से चुनाव लड़ने को लेकर भाजपा की साज़िश बताया और ट्वीट किया था कि भाजपा दलित वोट काटने की मंशा से चंद्रशेखर को वाराणसी से चुनाव लड़वा रही है।
उत्तर प्रदेश में बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के कम से कम 15 प्रमुख नेता भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो गए हैं। खास ख़बर ये है कि इन 15 में से 11 ऐसे नेता हैं, जिन्होंने बसपा के टिकट पर विधानसभा और आम चुनाव भी लड़ा है।
प्रभाकर पर इल्जाम है कि उन्होंने अपनी पूँजी को बढ़ाने के लिए एक शाही परिवार के नाम का इस्तेमाल किया है लेकिन नेशनल हेराल्ड ने इस ख़बर को जो एंगल देकर पेश किया उसमें साफ़ है कि वह विश्व हिंदू परिषद और आरएसएस की छवि को धूमिल करने के लिए प्रयासरत है।