इस बात के कोई स्पष्ट साक्ष्य नहीं है कि इस 'हग अ चायनीज' कैम्पेन के कारण ही इटली में कोरोना वायरस का संक्रमण फैला, क्योंकि सभी चीनी नागरिक इस वायरस से संक्रमित नहीं हैं, जिसके कारण उनसे भेदभाव किया जाए। साथ ही यह भी सही है कि इस तरह के कैम्पेन को कोरोना वायरस के संक्रमण को देखते हुए फिलहाल टाला जा सकता था।
इराक मूल के ईरान में रहने वाले इस्लामिक नेता अयातुल्ला सैयद हादी-अल-मुदारिसी ने 28 फरवरी को MEMRI-TV पर दिए एक वीडियो संदेश में चीन पर निशाना साधते हुए कहा था कि- नि:संदेह अल्लाह ने चीन को ये सज़ा दी है चीन के उन कारनामों के लिए, जिसमें वो मुस्लिम औऱ इस्लाम के साथ दुर्व्यवहार कर रहे हैं।
पीएम मोदी ने लोगों से भी सावधानी बरतने की अपील की है। एक जगह ज्यादा लोगों के मिलने-जुलने या पार्टी वाला माहौल होने से COVID-19 के फैलने का ख़तरा ज़्यादा है, ऐसा दुनिया भर के विशेषज्ञों ने बताया है।
झा लियू के ट्वीट पर चीन से ही जुड़े एक ट्विटर यूज़र ने चीन की सरकार पर कटाक्ष करते हुए लिखा- "हाँ हम जानते हैं कि यह बस एक गंभीर सर्दी-जुकाम मात्र है और हम इससे डरे हुए नहीं हैं। लेकिन यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि फिर भी चीन की कम्युनिस्ट पार्टी (CCP) ने लगभग हर इंसान को घर में कैद कर रखा है
कश्मीरी छात्रा ने कहा कि चीन में फँसे भारतीय छात्रों को वापस लेकर आना कोई साधारण बात नहीं थी। ये बहुत बड़ी बात है। उसने कहा कि ऐसा पहली बार हुआ है जब बाहर फँसे कश्मीरियों के लिए सरकार ने इतना बड़ा काम किया है।
"वायरस से मृत लोगों के शवों को दफनाया नहीं जाना जाहिए और न ही इनके शवों को किसी भी प्रकार से सुरक्षित रखा जाना चाहिए। इस जानलेवा वायरस के कारण मारे गए लोगों को दफनाने की जगह उन्हें जलाया जाना चाहिए।"
“ये भारतीय छात्र हैं, इन्हें एयरपोर्ट ले जाया जाएगा और वहाँ से फिर इन्हें इनके घर पहुँचाया जाएगा। बांग्लादेश वाले भी चले जाएँगे। एक हम पाकिस्तानी हैं, जो यहाँ पर फँसे हैं। जिनकी सरकार कहती है कि आप मरो या जियो, हम आपको नहीं निकालेंगे। शेम ऑन यू पाकिस्तान, सीखो भारत से कुछ सीखो।”
आईटीबीपी ने संक्रमित भारतीय मरीजों को बुनियादी चिकित्सा सेवा देने के लिए दिल्ली में 600 बिस्तरों वाला अलग केंद्र तैयार किया है। चीन से भारत पहुँचे यात्रियों को दक्षिण पश्चिम दिल्ली के छावला इलाके में 14 दिनों तक डॉक्टरों की निगरानी में रखा जाएगा।
पाकिस्तान ने कहा है कि वह चीन में फँसे अपने नागरिकों को नहीं निकालेगा। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, चीन में फँसे पाकिस्तानियों में मुख्य रूप से छात्र हैं जो वुहान शहर में फँसे हुए हैं। वुहान चीन का वह शहर है जहाँ से यह महामारी चीन के बाकी हिस्सों समेत दुनियाभर के शहरों में पहुँची है।