इसका इतना बड़ा फर्क पड़ा कि अपनी सेना का गुणगान करने वाले चीनी अखबार ग्लोबल टाइम्स को बयान जारी करना पड़ गया कि यह गंभीर चिंता का विषय है। इसके लिए........
'द टेलीग्राफ' ने ट्विटर से एक दक्षिणपंथी सोशल मीडिया इन्फ़्ल्युएन्सर एकाउंट का ट्वीट उठाकर पूरी फर्जी घटना को रिपोर्ट की शक्ल में प्रकाशित करने का नायाब कारनामा किया है।
हॉन्गकॉन्ग पर कैसे घिरा चीन? मानवाधिकार आयोग में भारत ने कैसे बदली रणनीति? सुरक्षा परिषद् में Pak के कारण क्यों हुई चीन की बेइज्जती? अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की कूटनीतिक फतह का विश्लेषण।
सरकार ने कुछ दिनों पहले चीन की 59 एप्लीकेशन पर प्रतिबंध लगा दिया था। विरोध की यह पहल सिर्फ इतने तक ख़त्म नहीं होती है, बहिष्कार की इस मुहिम से अब औद्योगिक घराने के लोग भी जुड़ चुके हैं।
"चीन दक्षिण एशिया में एक बहुआयामी खेल-खेल रहा है। चीन भारत को कमजोर करना चाहता है। भारत का पाकिस्तान से संबंध अच्छे नहीं हैं और म्यांमार को नया दुश्मन बनाना चाहता है।"
एक तरफ जहाँ चीनी सरकार ने भारत को अंतरराष्ट्रीय कानून का हवाला देकर इस पर विचार करने के लिए कहा है तो वहीं बुधवार को इस मामले में अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोम्पिओ ने भारत के फैसले पर कहा कि........
भारत सरकार द्वारा 59 चायनीज मोबाइल ऐप को प्रतिबंधित किए जाने के फैसले का नतीजा अब यह हो रहा है कि कुछ चायनीज ऐप ही इन प्रतिबंधित ऐप को चलाने के लिए लोगों को निमंत्रण दे रही हैं और इस काम में उनका साथ दे रहा है ट्विटर!