“टोटल कन्फ्यूजन! पी चिदंबरम चाहते हैं कि NPR का विरोध हो। इसके लिए उन्होंने जेएनयू के छात्रों को कुछ टिप्स दिए हैं। वहीं, महाराष्ट्र की उद्धव ठाकरे सरकार ने एक मई से 15 जून के बीच NPR कराने का ऐलान किया है। महाराष्ट्र की सत्ता में कॉन्ग्रेस पार्टी शिवसेना की साझेदार है। क्या दिल्ली में कॉन्ग्रेस नेतृत्व को इसकी जानकारी है?”
...अगर गृह मंत्रालय नागरिक उड्डयन सुरक्षा ब्यूरो के प्रस्ताव को स्वीकार करता है, तो गाँधी परिवार को हवाई अड्डे की सुरक्षा से आम नागरिक की तरह गुजरना होगा और घरेलू या अंतरराष्ट्रीय उड़ानों में सवार होने के लिए अन्य यात्रियों के साथ कतार में खड़ा होना होगा।
गुप्त सूत्र बताते हैं कि दिल्ली चुनाव से पहले ही कॉन्ग्रेस आलाकमान ने उच्चस्तरीय बैठक में सभी उम्मीदवारों को जमानत जब्त करवाने के निर्देश दिए थे। नतीजों के बाद जो तीन उम्मीदवार ऐसा नहीं कर पाए हैं अब वे पार्टी भी अपने भविष्य को लेकर सशंकित हैं।
विरोध होने के बाद राहुल गाँधी ने अपना ट्वीट डिलीट कर दिया। उन्होंने फिर से दोबारा बिना नक़्शे वाला ट्वीट किया और कोरोना वायरस को लेकर मोदी सरकार पर निशाना साधा। हालाँकि, राहुल गाँधी ने अभी तक इस पर माफी नहीं माँगी है। इससे पहले शशि थरूर भी ऐसा कर चुके हैं।
आज जब दिवगंत शीला दीक्षित के मत्थे हार का दोष मढने की कोशिश हो रही यह जानना जरूरी है कि इस बार दिल्ली की सत्ता में वापसी के लिए सोनिया गॉंधी ने हर उस शख्स को गले लगाया था जिससे पूर्व मुख्यमंत्री के मतभेद थे, जो उनसे कभी बदला लेना चाहते थे।
कॉन्ग्रेस नेता और विधायक एनए हैरिस का बेटा मोहम्मद नालपाड, जो 2 साल पहले मारपीट के मामले में जमानत पर बाहर है, फिर से विवादों में आ गया है। मोहम्मद नालपाड की लग्जरी बेंटले कार ने एक ऑटो और बाइक सवार को टक्कर मार दी, जिसमें 4 लोग घायल हो गए।
आप की जीत पर कॉन्ग्रेस नेताओं की खुशी शर्मिष्ठा मुखर्जी को नागवार गुजरी है। उन्होंने पूछा है कि अपनी बुरी हार पर चिंतित होने की बजाए कॉन्ग्रेस किसी दूसरी पार्टी की जीत पर ख़ुश क्यों हो रही है?
राहुल गाँधी की नर्वसता उस दिन साफ़ देखी गई कि, जब राहुल गाँधी दिल्ली की इकलौती अपनी जनसभा में बोल बैठे, "6 महीने बाद मोदी को देश के युवा डंडा मारेंगे।" दिल्ली में कॉन्ग्रेस की इकलौती जनसभा में दिया राहुल गाँधी का यह बयान पार्टी के गले की फाँस बन गया, जिसे लेकर कॉन्ग्रेस पार्टी के कई बड़े नेताओं को सफाई तक देनी पड़ी।
"मैं अपनी हार स्वीकार करते हुए, विकासपुरी विधानसभा क्षेत्र के सभी मतदाताओं व कॉन्ग्रेस कार्यकर्ताओं का आभार व्यक्त करता हूँ और आशा करता हूँ कि क्षेत्र का चौमुखी (चहुमुखी) विकास होगा। मैं भविष्य में भी दिल्ली, विकासपुरी व उत्तम नगर विधानसभा क्षेत्र के चौमुखी विकास के लिए लड़ाई लड़ता रहूँगा।"