कपिल सिब्बल और अन्य कॉन्ग्रेस नेताओं की नज़र में सोनिया गाँधी ही उनकी देश है और सोनिया के ख़िलाफ़ कुछ लिखना राष्ट्रद्रोह। सिब्बल ने एक दशक पहले जो थूका था, अब उसे चाट लिया है।
दो निर्दलीय विधायकों ने कुमारस्वामी सरकार को प्रभावहीन बताते हुए समर्थन वापसी की घोषणा कर दी है। उन्होंने कहा कि भाजपा की सरकार गठबंधन सरकार से अच्छा काम करेगी।
अपनी पार्टी की अक्षमता को पहचानते हुए कॉन्ग्रेस के वरिष्ठ नेता एके एंटनी ने बयान दिया है कि भाजपा को हराने के लिए कॉन्ग्रेस को किसी विपक्षी पार्टी का हाथ थामना ही पड़ेगा।
फ़िल्म ने कॉन्ग्रेस के विरोध प्रदर्शनों के बावज़ूद पहले ही दिन बॉक्स ऑफ़िस पर 3 करोड़ रुपए से भी अधिक की कमाई की। वीकेंड्स पर इसकी कमाई में और उछाल आने की सम्भावना है
यह सोचने वाली बात है कि एक राजनीतिक पार्टी, जिसके नेताओं पर राजीव गाँधी हत्या का आरोप है, उस पार्टी के नेताओं से अपने जन्मदिन की सुबह सबसे पहले मिलकर सोनिया गाँधी क्या संकेत देना चाहती हैं?
लगातार 15 सालों तक दिल्ली की मुख्यमंत्री रहीं शीला दक्षित को दिल्ली कॉन्ग्रेस का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। शीला इस पद पर अजय माकन की जगह लेगीं, जिन्होंने कुछ दिनों पहले इस्तीफ़ा दे दिया था
उनका यह दावा मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित था, जिसके लिए IndiaSpend को दोषी करार दिया गया था, जो हिंदू-विरोधी प्रचार फैलाने के लिए गलत आँकड़ों का इस्तेमाल करनेवाली वेबसाइट है।