महिला को उसकी हरकत के लिए गिरफ्तार कर लिया गया। लेकिन पादरी ने उस पर किसी तरह के आरोप नहीं लगाए। जिसके कारण उसे बाद में रिहा कर दिया गया। महिला की दोस्तों का कहना है कि वो मानसिक परेशानी से जूझ रही है।
"जब से राज्य में कॉन्ग्रेस की सरकार आई है, तब से हिन्दू धर्म और प्रतीकों को नीचा दिखाने का खेल खेला जा रहा है। और तो और, जो 'लोग' वंदे मातरम बोलने तक से परहेज करते हैं, वो अब शिवलिंग के ऊपर चढ़ कर नाचेंगे!
वैसे ये पहली बार नहीं है जब जाधवपुर यूनिवर्सिटी गलत कारणों से सुर्ख़ियों में आया हो। इस से पहले भी कई विवादित वजहों से जाधवपुर यूनिवर्सिटी ख़बरों में आता रहा है।
महाराष्ट्र युवा कांग्रेस के अध्यक्ष सत्यजीत ताम्बे पाटिल ने कहा कि अगर फिल्म से कथित विवादित सीन को हटाया नहीं गया तो कांग्रेस पूरे देश में कहीं भी इसका प्रदर्शन नहीं होने देगी।
नसीरुद्दीन शाह ने ताजा विवादित बयान देते हुए कहा है कि आज के भारत में उन्हें अपने बच्चों को लेकर काफी डर महसूस होता है। अपने कथित डर को बुलंदशहर हिंसा से जोड़ते हुए उन्होंने कहा कि आज गाय की पुलिस ऑफिसर से ज्यादा अहमियत है।