जिस इलाके में शादी के लिए लोग जमा हुए थे वह कोरोना संक्रमण के लिहाज से काफी संवेदनशील है। यहॉं से दो दिन पहले आठ संदिग्ध केस मिले हैं। इन सभी को आइसोलेशन में रखा गया है।
शिया सेंट्रल वक्फ बोर्ड ने अपने सभी मुतवल्लियों को निर्देश दिए है कि इस निर्देश की अवहेलना करने पर बोर्ड की ओर से संबंधित मुतवल्ली और मौलाना के खिलाफ FIR दर्ज करा कर जेल भेजा जाएगा।
दी लल्लनटॉप अपनी ऑडियंस का ख़ास ध्यान रखते हुए उनके मतलब का फैक्ट चेक करते हुए यह भी साबित करते हुए देखा गया है कि सरसों के तेल से कोरोना वायरस से बचाव नहीं हो पाता है। यह वो ऑडियंस है जो दैनिक सस्ते इन्टरनेट की पूरी डेढ़ जीबी या तो टिकटॉक, या फिर दी लल्लनटॉप के चरणों में ही समर्पित करती है।
युवक विदेशी नागरिक है। वह सऊदी अरब के बलजुराशी शहर में रहता था। उसने ऐसा क्यों किया इसकी पड़ताल की जा रही है। मामला सामने आने के बाद प्रशासन ने उस स्टोर में जाने वाले हर शख्स को अस्पताल जाकर जाँच कराने की सलाह दी है।
जनरल नरवणे ने कहा- कोरोना के खिलाफ लड़ाई में हम अलग-अलग स्तर पर तैयारियों में जुटे हैं। हमें नहीं पता कि आगे स्थितियाँ कैसी बनेंगीं लेकिन हम हर स्थिति से निपटने को तैयार हैं।
भारत में कोरोना संक्रमितों के आँकड़ों का विश्लेषण करने पर एक चौंकाने वाले बात सामने आती है। 300+ संक्रमण के मामले उन लोगों के हैं जिनका प्रत्यक्ष रूप से विदेश यात्रा का इतिहास रहा है। इनमें से भी 142 पॉजिटिव मामले उन लोगों के हैं, जो मध्य-पूर्व के इस्लामी मुल्कों से लौटे हैं।
"अब से कुछ ही वक्त पहले मैं जिंदगी और मौत से लड़ रही थी। मेरे पति नोएडा में फँसे थे और मुझे लेबर पेन हो रहा था। हॉस्पिटल पहुँचाने वाला भी कोई नहीं था... खाकी में भगवान हैं आप लोग।"
अख्तर हुसैन पश्चिम बंगाल के आसनसोल में पार्षद हैं। उन्होंने केंद्र सरकार के लॉकडाउन के आदेश की खिल्ली उड़ाते हुए लोगों से अपील की है, “अगर मोदी ताली बजाकर कोरोना को रोक सकते हैं तो क्यों न हमें इसे हराने के लिए प्रार्थना (अजान) में जुटना चाहिए।”
एक ही परिवार के 12 लोगों के संक्रमित होने का मामला सामने आने के बाद प्रशासन सकते में है। उनके रिश्तेदारों को आइसोलेट कर दिया गया है। पूरे गॉंव में सैंपल इकट्ठे किए जा रहे हैं। डॉक्टरों को आशंका है कि संक्रमण की यह कड़ी काफी लंबी हो सकती है।