31 मार्च तक देश में यात्री ट्रेनें पूरी तरह बंद रहेंगीं, इसमें मेल, सुपरफास्ट और पैसेंजर सभी प्रकार की ट्रेनें शामिल हैं। इस दौरान केवल मालगाड़ी ही चलेंगी और जो यात्री ट्रेनें अपने सोर्स स्टेशनों से गंतव्य की ओर रवाना हो चुकी हैं, वे सभी अपनी-अपनी यात्रा पूरी कर गंतव्य स्टेशनों पर ही हॉल्ट करेंगीं।
मुस्तफा 10 मार्च को दुबई से लौटा था। एक हफ्ते अहमदाबाद में रहने के बाद वह 17 को जामनगर पहुॅंचा। वहॉं स्वास्थ्य विभाग की टीम ने उससे संपर्क किया। लेकिन आइसोलेशन में भेजे जाने से पहले वह फरार हो गया।
राजस्थान के बाद पंजाब ने भी 31 मार्च तक पूरी तरह लॉकडाउन का फैसला किया है। राज्य में अब तक संक्रमण के 13 मामले सामने आ चुके हैं। सीएम अमरिंदर सिंह ने इस संकट से निपटने में प्रशासन की मदद की अपील की है।
देश के जिन राज्यों में कोरोना के पॉजिटिव मरीज मिल रहे हैं, उनके 75 जिलों को पूरी तरह से लॉकडाउन किया गया है। इसके साथ ही सभी शहरों की मेट्रो 31 मार्च तक बंद रहेंगे।
कोरोना वायरस के संक्रमण का प्रसार रोकने के लिए सोशल डिस्टन्सिंग का पालन करने की सलाह दी जा रही है। लोगों को हाथ न मिलाने से लेकर एक-दूसरे से दूर रहने को कहा जा रहा है। लेकिन, सीएए विरोधी इसे नजरंदाज कर अपने साथ दूसरों के जीवन के लिए भी संकट पैदा कर रहे हैं।
जहाँ एक तरह पीएम मोदी जनता कर्फ्यू की अपील कर लोगों को संक्रमण से बचाव के उपायों पर अमल करने को कह रहे हैं, वहीं कुछ नेता लगातार अफवाह फैलाने में लगे हैं। त्रिवेदी उनमें से ही एक हैं। कॉन्ग्रेस परस्त पत्रकार इसे आगे बढ़ाने में लगे हैं।
बिहार में अब तक कोरोना के दो मामलों की पुष्टि हो चुकी है। इनमें से एक की मौत हो गई है। बताया जा रहा है कि राज्य में हाल में विदेश से 520 लोग लौटे हैं। इसके कारण आशंका जताई जा रही है कि कोरोना के और भी मरीज हो सकते हैं, जिन्हें आइसोलेट कर इलाज किए जाने की ज़रूरत है।
सोशल मीडिया पर लोगों ने आशंका जताई है कि हो सकता है कि शाहीन बाग़ के उपद्रवियों ने जनता कर्फ्यू से ध्यान खींचने के लिए ऐसा किया हो। हालाँकि, इस सम्बन्ध में अभी तक कुछ भी पुष्टि नहीं हुई है।
“कनिका कपूर को अस्पताल में उपलब्ध सबसे बेहतर सेवा दी जा रही है। लेकिन उन्हें बतौर मरीज हमारे साथ सहयोग करना चाहिए, ना कि वह अपने स्टार वाले नखरे दिखाएँ। उन्हें ग्लूटेन-फ्री डाइट दी जा रही है जो कि अस्पताल के किचन में तैयार की जा रही है।”
कोरोना वायरस के संक्रमण का प्रसार रोकने के लिए पीएम मोदी ने जनता कर्फ्यू की अपील की थी। इसका असर पूरे देश में दिख रहा है। सड़कों पर सन्नाटा पसरा है और लोग अपने घरों में रहकर इस संकट के वक्त अपने दायित्वों को निभा रहे हैं।