भावेश ने अपनी शिकायत में कहा कि वो, राजू प्रजापति और एक अन्य साथी जुबली सर्कल पहुँचे, जहाँ निजाम और इरफान भी पहुँच गए। निजाम ने यहाँ राजू के सीने पर हमला बोल दिया।
अपराधी की पहचान मोहम्मद उमर उर्फ उमरदीन के रूप में हुई है जो उत्तर प्रदेश के बेहराइच का निवासी है। वह देश छोड़कर नेपाल चला गया था, जहां वह 12 वर्षों से फर्जी पहचान पत्र के साथ रह रहा था।
बरुईपुर पुलिस जिले के एक अधिकारी ने कहा, “सद्दाम और उसका भाई सैरुल कई मामलों में आरोपित हैं। पुलिस के उनके घर पर छापा मारे जाने की स्थिति में भागने के लिए ही घर में सुरंग बनाई गई थी।"
पुलिस ने दोनों की पहचान नसीबुद्दीन और मुर्तजा हसन के रूप में की। पुलिस ने उनके मोबाइल फोन भी जब्त कर लिए और जाँच के बाद पाया कि उनके फोन में कई आपत्तिजनक वीडियो हैं।
इसरार उर्फ गुड्डू ने पुलिस ने पूछताछ में खुद पर शैतान के सवार होने की बात कही। उसने कहा, "मेरे ऊपर शैतान सवार हो गया था।" इस मामले में पुलिस ने आरोपित इसरार को वारदात के कुछ ही घंटों के अंदर ही गिरफ्तार कर लिया। वो फरार हो गया था, लेकिन मुखबिर की सूचना के आधार पर पुलिस ने छापेमारी कर उसे गिरफ्तार कर लिया। उसके खिलाफ पॉक्सो, एससी-एसटी एक्ट व अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।