स्थानीय पुलिस के अनुसार यह हमला अमेरिका के राष्ट्रपति भवन White House से महज़ 2.1 मील (3.5 किमी) की दूरी पर हुआ है। हल्के रंग की निसान सेडान में बैठे संदिग्धों के पास AK असॉल्ट राइफल होने का संदेह पुलिस ने जताया है।
इस पूरे रैकेट का खुलासा इंदौर नगर निगम के एक इंजीनियर की शिकायत के बाद हुआ। रिपोर्ट के अनुसार, एसएसपी रुचिवर्धन मिश्रा के मुताबिक गिरोह नगर निगम इंजीनियर को ब्लैकमेल करने की धमकी देकर तीन करोड़ रुपए माँग रहा था।
Dawn में प्रकाशित एक रिपोर्ट के अनुसार, एक अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर कहा "नमृता चंदानी के गले पर पड़े 'निशान रस्सी के थे।' पोस्टमार्टम रिपोर्ट में कहा गया कि 'आत्महत्या का मामला है लेकिन गला घोंटने के साफ निशान दिखाई देते हैं।"
पीड़िता के भाई ने इस बात की जानकारी दी कि शबनम का एक तीन साल का बेटा है और तीन माह की एक बच्ची थी। उन्होंने बताया कि बुधवार को ससुरालवालों ने उनकी बहन और तीन माह की बच्ची को ज़िंदा आग के हवाले कर दिया।
मामला सामने आने के बाद ग्रामीणों का एक समूह मुख्य आरोपी आबिद के परिवार से बातचीत करने गया, जहाँ दोनों समुदाय के बीच बवाल मच गया। इसके बाद घरों को जला दिया गया। देर शाम एक गली में लगभग 15 दुकानों को भीड़ ने आग लगा दी।
महिला का बीते साल ही तलाक हुआ था। आरोपी अमजद मुंबई में उसकी बहन का पड़ोसी है। महिला जब भी बहन के पास आती वह उसे घुमाने ले जाता। नजदीकियॉं बढ़ने पर उसने महिला को ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया।
स्कूल के छात्र-छात्राओं के बीच कदीर खां का इतना ख़ौफ़ था कि उन्होंने ख़ुद के साथ हो रहे अभद्र व्यवहार के बारे में कभी किसी को कुछ नहीं बताया। लेकिन, अब जब वे भी चुप्पी तोड़ रहे हैं। एक छात्र ने बताया कि कदीर खां उसके कपड़े उतारकर उसके शरीर पर हाथ फेरता था।
बीते साल इसी तरह पेरिस में अज्ञात हमलावरों ने आम लोगों को निशाना बनाया था। बाद में इस हमले की जिम्मेदारी आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट ने ली थी। 2017 में मिलान के ही रेलवे स्टेशन पर सेना और रेलवे पुलिस के अधिकारियों पर भी हमले हुए थे।
ATS को गुप्त सूचना मिली थी कि 16 सितंबर को पुराने लखनऊ में अवैध हथियारों की डिलीवरी की जाएगी। आतंक निरोधक दस्ते ने आरोपित बदमाशों के पास से 5 अवैध पिस्तौल भी बरामद किया है।
पुलिस के मुताबिक शमशेर ने 10-12 लोगों का गेटअप बदलने की बात कबूली है। इसके बदले में वह हर व्यक्ति से 20 हजार रुपए लेता था। इस गोरखधंधे में शामिल ट्रेवल एजेंट्स की भी तलाश की जा रही है। साथ ही उन लोगों की पहचान करने की भी कोशिश की जा रही है जो इस तरीके से विदेश जा चुके हैं।