अलका लम्बा ने न सिर्फ़ केजरीवाल की पार्टी के एक कार्यकर्ता को खदेड़ा बल्कि खींच कर एक चाँटा भी मारा। हालाँकि, वो चाँटा उसे लगा नहीं। अलका लाम्बा कुछ महीनों पहले तक आम आदमी पार्टी में थी लेकिन फिर वो अपनी पुरानी पार्टी कॉन्ग्रेस में चली गईं।
बीजेपी ने अपनी शिकायत में कहा है कि AAP समर्थकों ने भ्रामक रीक्रिएशन के जरिए भाजपा की छवि को धूमिल करने का प्रयास किया है। इस स्पूफ में अमित शाह को फिल्म के खलनायक गब्बर के रूप में दिखाया गया है तो वहीं दिल्ली भाजपा अध्यक्ष मनोज तिवारी, विजय गोयल और सांसद गौतम गंभीर को डाकुओं के रूप में चित्रित किया गया है।
जहाँ पहले केजरीवाल की पार्टी तय कर रही थी कि मुद्दा क्या होगा, बाद में वो हनुमान चालीसा पढ़ कर और मंदिर-मंदिर घूम कर ख़ुद भाजपा की पिच पर खेलने लगे। उनका दावा है कि सब 'पवित्र शक्तियाँ' उनकी ही पार्टी के साथ है। अनुराग ठाकुर और प्रवेश वर्मा के बयानों का भाजपा को फ़ायदा हुआ।
चुनाव आयोग ने केजरीवाल को विवादित वीडियो ट्वीट करने के लिए नोटिस भेजी। चुनाव आयोग ने केजरीवाल को इस नोटिस का जवाब 8 फरवरी शाम 5 बजे तक देने का निर्देश दिया है।
दिल्ली शिक्षा के आँकड़ों को देखेंगे तो पता चलता है कि 1032 में से सिर्फ 54 स्कूलों पर ही काम किया गया, बच्चों को जबरन फेल किया गया ताकि बोर्ड में सिर्फ बेहतर बच्चे ही बैठें! यहाँ तक कि मात्र गिने हुए 8 स्कूलों की ही तस्वीरें बार-बार सोशल मीडिया पर शेयर की गईं।
2015 में करीब 67% मतदान हुआ था। इस बार भी ऐसा हुआ तो एक करोड़ के करीब वोट पड़ेंगे। दिल्ली में इस वक्त भाजपा के सदस्यों की संख्या 62 लाख के करीब है। इन सभी ने बीजेपी के लिए वोट डाले तो 11 फरवरी को करिश्मा तय है।
फ़र्ज़ी पत्र वायरल करने वाले ने एक ग़लती ये की है कि उसने भाजपा के राष्ट्रीय मुख्यालय का पता लिख दिया है। जबकि, मनोज तिवारी के पत्र में भाजपा के राज्य मुख्यालय का पता लिखा होता है। अर्थात, पता 'पंडित दीन दयाल उपाध्याय मार्ग' न होकर 'पंडित पंत मार्ग' होगा।
शिखा राय को श्रीनगर में झंडा फहराने के बाद पुलिस कस्टडी में प्रताड़ित किया गया था। सुषमा स्वराज ने शिखा राय को लगभग 25 वर्षों तक अपने मार्गदर्शन में रखा। सुषमा स्वराज जब बीमार पड़ीं तो शिखा ने भी उनका एक बेटी की तरह दिन-रात देखभाल किया।
अपनी टिकट काटे जाने पर MLA नारायण दत्त शर्मा ने AAP पर बदरपुर के भू माफियाओं को 20 करोड़ रुपए में टिकट बेचने का आरोप लगाया था। दिल्ली चुनाव 2020 में नारायण दत्त AAP के बजाय BSP से चुनाव लड़ रहे हैं।