दिल्ली में कुछ मतदाताओं के मोबाइल पर एक बेहद भावुक करने वाला सन्देश प्राप्त हुआ है, जिसमें दिल्ली के उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया के लिए हिन्दुओं की आराध्य देवी सरस्वती माता के नाम पर वोट माँगे जा रहे हैं।
'टाइम्स नाउ' द्वारा करवाए गए हालिया सर्वेक्षण ने भाजपा समर्थकों का मनोबल गिराने का काम किया है। टाइम्स नाउ ने दावा किया है कि यह सर्वे जनवरी 27, 2020 और फरवरी 01, 2019 के बीच किया गया था, यानी कि ऐसी अवधि के दौरान जबकि भाजपा को बढ़त बनाते हुए देखा गया।
वित्त राज्य मंत्री अनुराग ठाकुर ने दिल्ली में आयोजित एक जनसभा में लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि दिल्ली में चल रहे शाहीन बाग धरने को विपक्षी दलों का पूरा साथ मिल रहा है।
"केजरीवाल को अचानक शाहीन बाग में बिरयानी खिलाने के बाद अब उनको याद आ गया कि मैं हिन्दू हूँ। हनुमान जी को अब ये बुड़बक नहीं बना सकते, हनुमान चालीसा पढ़ें या पेड़ पर उल्टा लटक जाएँ ये चुनाव वो हार रहे हैं।"
"केजरीवाल ने कहा था कि वो इनकम टैक्स की नौकरी छोड़ कर आए हैं, ये कर दूँगा, वो कर दूँगा- और मैं उन चक्करों में फँस गया। पहले कहते थे कि उप-राज्यपाल उनकी छाती पर दाल रगड़ रहे थे। अब वो दाल कहाँ चली गई?"
सीएए विरोध के दौरान दिल्ली में हिंसा भड़काने के पीछे केजरीवाल की पार्टी के विधायक अमानतुल्ला खान का नाम आया था। जहाँ एक तरह ये ख़बर सुर्खियाँ बन रही हैं, दूसरी तरफ केजरीवाल हनुमान चालीसा का पाठ कर के हिन्दू वोटरों को रिझाने में लगे हैं।
"केजरीवाल मासूम चेहरा बनाकर दिल्ली की जनता से बार-बार पूछ रहे हैं कि क्या मैं आतंकवादी हूँ। हाँ, आप आतंकवादी हो, इसके बहुत सबूत हैं। आपने खुद कहा था कि मैं अराजकतावादी हूँ। अराजकतावादी और आतंकवादी में बहुत ज्यादा अंतर नहीं होता।"
"यह कोई संयोग नहीं है, बल्कि सोचा-समझा प्रयोग है। ये राष्ट्र की सौहार्दता को खंडित करने का एक कुत्सित प्रयास है। संविधान और तिरंगे को सामने रखते हुए ज्ञान बॉंटा जा रहा है और असली साजिश से ध्यान हटाया जा रहा है।"
"अरविन्द केजरीवाल इस बात से नाराज़ चल रहे थे कि करोड़ों रुपए फूँकने के बाद भी आप को शाहीन बाग़ प्रदर्शन का कोई फायदा नहीं मिल रहा है। आक्रोशित केजरीवाल ने जब नाराजगी जाहिर की तो अमानतुल्लाह मारपीट पर उतर आए।"
सोशल मीडिया पर लोगों ने अरविंद केजरीवाल से अपील की है कि वे जहाँ कहीं भी हों, पीड़ित के रुपए दे दें क्योंकि वो बेरोजगार है और उसने जॉब की उम्मीद में ये काम करना स्वीकार किया था।