रिसर्च टीम में पीएचडी स्कॉलर प्रशांत प्रधान, आशुतोष पांडे और प्रवीण त्रिपाठी, पोस्ट-डॉक्टोरल फेलोज डॉक्टर पारुल गुप्ता और अखिलेश मिश्रा एवं प्रोफेसर विवेकानंद पेरुमत, मनोज बी मेनन, जेम्स गोम्स और बिश्वजीत कुंडु शामिल हैं।
कोरोना वायरस संक्रमण के चलते कई राज्यों जैसे पंजाब, राजस्थान आदि के पूरी तरह लॉक डाउन किए जाने और देश भर के कोरोना प्रभावित 75 जिलों के लॉक डाउन के बाद अब दिल्ली में सीआरपीसी सेक्शन 144 लागू कर दिया गया है। इससे 4 से ज्यादा लोगों के एक जगह इकट्ठा होने को प्रतिबंधित किया गया है।
सोशल मीडिया पर लोगों ने आशंका जताई है कि हो सकता है कि शाहीन बाग़ के उपद्रवियों ने जनता कर्फ्यू से ध्यान खींचने के लिए ऐसा किया हो। हालाँकि, इस सम्बन्ध में अभी तक कुछ भी पुष्टि नहीं हुई है।
एक व्यक्ति ने IAS अधिकारी वर्षा को सलाह दी कि वे दूसरे संसाधनों का प्रयोग करते हुए डॉक्टरों को सैलरी दें। वर्षा ने कहा कि अगर उनके पास दूसरे संसाधन होते तो फिर वो सैलरी के लिए दिल्ली सरकार के फंड्स का इन्तजार ही क्यों करती?
केजरीवाल ने आज कहा कि राजधानी में किसी भी जगह पर 5 या इससे ज्यादा लोग इकट्ठा नहीं हो सकते। यदि पाँच या उससे ज्यादा लोग एक साथ कहीं इकट्ठा होते हैं तो उन्हें एक-दूसरे से कम से कम एक मीटर की दूरी बनाए रखनी चाहिए।
दिल्ली सरकार के रेवेन्यू विभाग ने इसकी जानकारी दी है। ओखला से लगातार दूसरी बार विधायक चुने गए अमानतुल्लाह को मुख्यमंत्री केजरीवाल का क़रीबी माना जाता है। उस पर कई आपराधिक मामले भी दर्ज हैं।
"महिलाएँ हर सावधानी बरत रही हैं, हर समय बुर्के में ढकी रहती हैं। नियमित रूप से हाथ धोना हमारी जीवनशैली का हिस्सा है। हम दिन में पाँच बार नमाज अदा करते हैं और हर बार हाथ धोते हैं।”
कुछ स्वोघोषित मानवाधिकार कार्यकर्ताओं ने दोषियों को मिली मौत की सजा को बदले की कार्रवाई बताया। ऐसे ही एक मानवाधिकार कार्यकर्ता जयंत भट्टाचार्य ने निर्भया की माँ आशा देवी पर अपनी बेटी के लिए न्याय माँगने के लिए ‘गंदी मानसिकता’ और ‘खून की लालसा’ रखने का आरोप लगाया।
दिल्ली के दिल की घड़कन कहा जाने वाले कनॉट प्लेस और इंडिया गेट को भी सरकार ने आम लोगों के लिए बंद कर दिया है। वहीं रविवार यानि 22 मार्च को दिल्ली में मेट्रो सेवा भी पूरी तरह से बंद रहेगी।
ख़ुद को कॉमेडियन कहने वाले कुणाल कामरा ने एक हवाई यात्रा के दौरान ‘रिपब्लिक न्यूज़’ के संपादक अर्नब गोस्वामी के साथ बदतमीजी की थी।अर्नब अपनी सीट पर बैठे हुए थे और कान में हेडफोन लगाए हुए थे। कुणाल कामरा अर्नब के पास पहुँच गया और उसने उन्हें ‘डरपोक’ बताया था।