चुनाव हारने के बाद नेता द्वारा पैसे वापस माँगने पर कुछ मतदाताओं ने यह कर कर वापस कर दिया कि वो ऐसा ‘मानवीय आधार’ पर कर रहे हैं, जबकि अधिकांश लोगों ने यह कर मना कर दिया कि उन्होंने पैसे नहीं माँगे थे बल्कि एक उम्मीदवार के तौर पर स्वेच्छा से ये रकम और गिफ्ट उन्हें दी गई थी।
टीआरएस उम्मीदवार इमरान ने कॉन्ग्रेस समर्थकों द्वारा दोहरे वोटों की कथित कास्टिंग पर आपत्ति जताई थी। जिसके बाद इमरान और कॉन्ग्रेस के उम्मीदवार इलियास के बीच गर्म बहस छिड़ गई। गुस्से में इलियास ने इमरान पर हमला किया और उसकी नाक काट दी।
ताइवान और हॉन्ग कॉन्ग पर कब्जा करके चीन एक ग्रेटर चीन का सपना देख रहा था। मगर दोनों जगहों की जनता ने लोकतंत्र समर्थक उम्मीदवारों को जीत दिलाकर चीन के अरमानों पर पानी फेर दिया। यहाँ के मतदाताओं ने हॉन्ग कॉन्ग की तरह ही चीन के ‘एक देश दो सिस्टम’ की राजनीतिक व्यवस्था को खारिज कर दिया है।
श्रीलंका में मुस्लिम संगठनों के आरोपों के बीच बौद्ध राष्ट्र्वादी गोटाभाया की जीत अहम है। इससे पता चलता है कि द्वीपीय देश अभी ईस्टर बम ब्लास्ट को भूला नहीं है और राइट विंग की तरफ़ उनका झुकाव पहले से काफ़ी ज्यादा बढ़ा है।
इस तकनीक में मोबाइल ऐप की सहायता से मतदान किया जाता है। प्रायोगिक तौर पर इसे लागू किया गया है। हरेक मतदाता को दो दिन पहले ही क्यूआर कोड की पर्ची दे दी गई थी।
बुद्ध बोलते रहे, "अब इस मायावती नामक जीव को ही देखो। जब तक एक जाति को दूसरे से लड़ा कर, भटका कर, झूठे वादों पर विश्वास दिला कर इनका काम निकलता रहा, तब तक ठीक था। नाम मेरा लेते हैं और आंदोलनों के नाम पर हिंसा और आगजनी से इनका इतिहास पटा पड़ा है।"
".....जरूरी पारिवारिक समारोह की वजह से मैं पूरे दिन व्यस्त था और इसकी जानकारी मैंने राहुल गाँधी को पहले ही दे दी थी। वो (राहुल गाँधी) मेरे नेता हैं और मेरे लिए हमेशा रहेंगे। लेकिन निकम्मा क्यों अनुपस्थित था?”
आदित्य चुनाव मैदान में उतरने वाले पहले ठाकरे हैं। उनके चुनाव लड़ने के ऐलान के बाद से ही कई तरह के कयास लग रहे हैं। पिछले दिनों महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़णवीस ने कहा था कि आदित्य को डिप्टी सीएम बनाने में उन्हें खुशी होगी।