गुलालाई इस्माइल के पिता प्रोफेसर मोहम्मद इस्माइल ने 4 जून को एक ट्वीट करते हुए कहा कि पाकिस्तानी अधिकारियों के हाथों उनके परिवार का उत्पीड़न हो रहा था।
इमरान ख़ान ने अपने ट्वीट के साथ लिखा कि जो खलील जिब्रान के इस उद्धरण को समझ लेते हैं, वो एक संतुष्टिपूर्ण जीवन जीते हैं। इसके बाद लोगों ने रिप्लाई में बताया कि यह पंक्तियाँ जिब्रान की नहीं बल्कि टैगोर की है।
इस समय पाकिस्तान की स्थिति बहुत ही ख़राब है, उस पर से आतंकी छवि होने और चरमराई अर्थव्यस्था के कारण इस समय पाकिस्तान को कोई भी देश क़र्ज़ भी देने को तैयार नहीं है। इमरान खान ने खुद पाकिस्तान के प्रधानमंत्री पद की शपथ लेते हुए कहा था कि अपने समूचे इतिहास में देश इतना ऋणग्रस्त कभी नहीं रहा, जितना पिछले 10 साल में हो गया है।
भले ही पाकिस्तान कॉन्ग्रेस के सत्ता में आने को लेकर चिंतित है, लेकिन मोदी सरकार की जीत को लेकर फायदा वाली बात कहने का मतलब मोदी को 'समर्थन' देना या मोदी का 'समर्थन' पाना तो बिलकुल भी नहीं है। लेकिन हाँ, इसे डर जरूर कहा जा सकता है क्योंकि अनेकों शिकायतों और हैरानी होने के बाद भी वो कामना करते हैं कि मोदी की सरकार वापस बने।
चीन को गदहे बेचकर अमीर बनने के सपने देखने वाले पाकिस्तान ने अब ग़रीबों में मुर्गियाँ व बकरियाँ बाँटकर भूखमरी दूर करने की दूरदर्शी योजना बनाई है। देखिए कैसे सोशल मीडिया पर लोगों ने बनाया इमरान ख़ान का मज़ाक।
2018 में चीनी प्रधानमंत्री ली केकियांग और प्रधानमंत्री इमरान खान के बीच बीजिंग में एक बैठक के बाद, चीन ने कहा था कि वह पाकिस्तान को वित्तीय संकट से उभरने के लिए सहायता की पेशकश करने को तैयार है।
पाकिस्तान भी अपना नेशनल डे उसी तर्ज पर मनाता है। 23 मार्च 1940 को ऑल इंडिया मुस्लिम लीग द्वारा लाहौर प्रस्ताव पास किया गया था जिसमें भारत के उत्तर पश्चिमी और पूर्वी भाग के मुस्लिम बहुल क्षेत्रों के लिए अलग स्वायत्त राज्य की मांग की गई थी।